राजधानी लखनऊ के निलमथा बाजार में रेलवे ठेकेदार वीरेंद्र ठाकुर की शनिवार को दिनदहाड़े हुई हत्या की जांच पुलिस कर रही है। वीरेंद्र के घर पर पुलिस को जो साक्ष्य और जानकारियां मिली हैं। उसके अनुसार, हत्यारे पूरी तैयारी से आए थे। हत्यारे वारदात को अंजाम देने के बाद सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी उठा ले गए। बता दें कि डीवीआर वीडियो रिकॉर्डर होता है जिसे हार्डड्राइव भी कहते हैं। इससे कहा जा रहा है कि हत्यारे पूरी योजना बनाकर आए थे।
डीसीपी पूर्वी कासिम आब्दी के मुताबिक, मूलरूप से बिहार के पश्चिमी चंपारण के बेतिया जिला निवासी वीरेंद्र ठाकुर कैंट एरिया के निलमथा बाजार में परिवार सहित रहते थे। परिवार में दूसरी पत्नी खुशबू, तीन बेटे अभिषेक, ऋषि और अंश (सभी पहली पत्नी प्रियंका से हैं) हैं। परिजनों के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब 12.30 बजे तीन बदमाश घर के अंदर दाखिल हुए जो सेना की वर्दी पहने थे।
उन्होंने घुसते ही बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद वीरेंद्र ठाकुर के कमरे में गए जहां वे बेड पर लेटे हुए थे। बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इसमें से वीरेंद्र को दो गोलियां लगीं। गंभीर हालत में परिजन उनको लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।