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Railway contractor murder: सेना की वर्दी पहने घर में दाखिल हुए हत्यारे, बेड पर लेटे वीरेंद्र पर बरसा दीं गोलियां, तस्वीरें

Sun, 26 Jun 2022 03:34 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
लखनऊ कैंट के निलमथा बाजार में रहने वाले रेलवे ठेकेदार वीरेंद्र ठाकुर (42) की हत्या की पुलिस जांच कर रही है। बदमाशों ने घर में घुसकर वीरेंद्र को गोली मारी थी। वारदात में शामिल तीनों बदमाशों ने सेना की वर्दी पहन रखी थी। वहीं हरे रंग का कैप लगा रखा था। पुलिस के मुताबिक, बदमाश घर में लगे सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर भी उठा ले गए। वीरेंद्र ठाकुर पर तीन साल पहले भी चारबाग स्टेशन पर हमला हुआ था।

एडीसीपी पूर्वी कासिम आब्दी के मुताबिक, मूलरूप से बिहार के पश्चिमी चंपारण के बेतिया जिला निवासी वीरेंद्र ठाकुर कैंट एरिया के निलमथा बाजार में परिवार सहित रहते थे। परिवार में दूसरी पत्नी खुशबू, तीन बेटे अभिषेक, ऋषि और अंश (सभी पहली पत्नी प्रियंका से हैं) हैं। परिजनों के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब 12.30 बजे तीन बदमाश घर के अंदर दाखिल हुए जो सेना की वर्दी पहने थे।

उन्होंने घुसते ही बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद वीरेंद्र ठाकुर के कमरे में गए जहां वे बेड पर लेटे हुए थे। बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इसमें से वीरेंद्र को दो गोलियां लगीं। गंभीर हालत में परिजन उनको लेकर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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जांच के लिए पहुंचे पुलिस कमिश्नर डी के ठाकुर। - फोटो : amar ujala
2019 में हुआ था चारबाग पर हमला
पुलिस के मुताबिक, वीरेंद्र ठाकुर का कुछ लोगों से ठेके को लेकर विवाद हुआ था जिसके बाद उन पर दो जुलाई 2019 को रात 12 बजे चारबाग रेलवे स्टेशन परिसर में फायरिंग की गई थी। इसका मुकदमा वीरेंद्र की पहली पत्नी प्रियंका ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ जीआरपी थाने में दर्ज कराया था। इस वारदात में गोली वीरेंद्र के कमर में लगी थी। इसकी वजह से उन्हें बाद में चलने में दिक्कतें होनी लगीं।
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जांच के दौरान फोरेंसिक टीम। - फोटो : amar ujala
पहली पत्नी से चल रहा है विवाद
पुलिस के मुताबिक, 2019 में हुए हमले के कुछ दिन बाद से ही पहली पत्नी प्रियंका से वीरेंद्र की दूरियां बढ़ने लगीं। इसी बीच वीरेंद्र की नजदीकी खुशबू से बढ़ गई थी। विवाद इतना अधिक हो गया कि प्रियंका व वीरेंद्र अलग-अलग रहने लगे लेकिन वीरेंद्र ने पहली पत्नी के तीनों बच्चों को अपने पास ही रख लिया था। बच्चों को लेकर कई बार कहासुनी व विवाद भी हुआ।

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- फोटो : amar ujala
जनवरी से ले रखी थी निजी सुरक्षा
वीरेंद्र ठाकुर को अपने ऊपर हमले की आशंका थी। इसीलिए उसने जनवरी में ही निजी सुरक्षा एजेंसी से चार सुरक्षाकर्मी ले रखे थे जो 24 घंटे उसके साथ चलते थे। शनिवार को वीरेंद्र के घर पर तीन ही सुरक्षाकर्मी मौजूद थे जो वारदात के बाद से ही लापता बताए जा रहे हैं। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर के मुताबिक, हमलावर नकाबपोश थे। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि बदमाशों ने सुरक्षाकर्मियों, बच्चों को कमरे में बंद कर दिया। लेकिन वारदात के बाद से एक भी सुरक्षाकर्मी नहीं मिला है। इस बिंदु पर भी पड़ताल की जा रही है।
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- फोटो : amar ujala
किलाबंद घर, सीसीटीवी कैमरे से लैस
वीरेंद्र तीन साल पहले हुए हमले के बाद से खुद की सुरक्षा को लेकर काफी संजीदा हो गया था। उसने पूरे घर को एक किले की तरह बनवा रखा था। घर के दरवाजे और दीवारों में जगह तक नहीं छोड़ी। वहीं चारदीवारी पर कंटीले कील लगवा रखे थे ताकि कोई अंदर न दाखिल हो सके। घर के अंदर से लेकर बाहर हर तरफ सीसीटीवी कैमरों का जाल है। वह लगातार अपने कमरे में बैठकर खुद ही कैमरों में आने जाने वालों पर नजर रखता था।
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