कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लिए इससे बुरा दिन क्या हो सकता है कि उनके गढ़ में ही उनके खिलाफ हाय-हाय के नारे लगें। जी हां, राहुल गांधी को शुक्रवार को अपने ही संसदीय क्षेत्र में अपने खिलाफ हाय-हाय के नारे सुनने पड़े।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उनके वाहन को घेर लिया। राहुल गांधी गाड़ी से नही उतरे।
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इस बीच, एसपीजी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हटाने की कोशिश की तो उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए।
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आखिरकार राहुल को उतरना ही पड़ा। उन्होंने उनकी समस्याएं जानी और उन्हें सुलझाने का भरोसा दिलाया। (प्रदर्शन करती आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां।)
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इसके अलावा, राहुल गांधी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सवा साल बाद जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक हुई। प्रमुख जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी वाली इस बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता ठीक न होने के साथ अनियमितता व घपले का मुद्दा उठा। (बैठक में शामिल होने जाते राहुल गांधी व उनका स्वागत करते डीएम।)
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बैठक शुरू होते ही विधायक गौरीगंज राकेश प्रताप सिंह व एमएलसी दीपक सिंह ने पिछली बैठक में उठे मनरेगा में गड़बड़ी के मामले की ईओडब्ल्यू से चल रही जांच पूरी न होने का मामला उठाया। राहुल गांधी ने डीएम चंद्रकांत पांडेय व एसपी हीरालाल से मामले की जांच जल्द पूरा कराने के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।
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विधायक गौरीगंज ने दैवीय आपदा के तहत सिर्फ अपने क्षेत्र के मात्र एक गांव के लोगों को आवास मिलने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह सुविधा अन्य गांवों के लोगों को क्यों नहीं मिल रही। कांग्रेस एमएलसी की ओर से उठाए गए एक सवाल के जवाब में राहुल ने अफसरों को मनरेगा के तहत आवंटित बजट सभी ब्लॉकों में समान रूप से देने को कहा।
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इसके अलावा राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं से गुटबाजी छोड़कर आगामी चुनाव के लिए तैयारियों में जुटने के लिए कहा। राहुल ने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में जाएं और कांग्रेस के कामों का प्रचार करें।