लखनऊ में यूनिसेफ के कार्यक्रम में प्रियंका चोपड़ा
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आज भी भाई की पढ़ाई के लिए छुड़ाया जा रहा बेटी का स्कूल : अभी किशोरियों के स्वास्थ्य पर काम करना होगा, गर्भवती के पोषण पर ध्यान देना होगा। इस पर काम हो रहा है, लेकिन बहुत कुछ करना होगा। घर के अंदर की सोच बदलनी होगी। यूनिसेफ या सरकारी प्रयासों से बेटियों को अवसर मिल रहे हैं, लेकिन आज भी भाई की पढ़ाई के लिए बेटी का स्कूल छुड़ाया जा रहा है। युवाओं को समझाना होगा, सिखाना होगा, लड़की हमारा धन है, पराया नहीं। आज स्कूल में बहुत लड़कियां हैं, लेकिन फिर भी कम हैं। लड़की किसी की प्रॉपर्टी नहीं। उन्होंने कहा कि होम मेकर को कम आंकना बंद करें। जो वो करती है, वो कोई नहीं कर सकता। युवाओं के पास पावर है, समान अवसर की सही परिभाषा समझें।