दिवाली: खूबसूरत सांचों में ढलने लगीं खुशियां
Sat, 26 Oct 2013 01:19 PM IST
लखनऊ में सआदतगंज, ठाकुरगंज जैसे कुछ ऐसे इलाके हैं, जहां मिट्टी के सुंदर खिलौनों से लेकर भगवान की मूर्तियां तक देखने को मिल जाएंगी।
दिवाली: खूबसूरत सांचों में ढलने लगीं खुशियां
त्योहारों पर स्कूल से आने के बाद बच्चे भी काम पर लग जाते हैं।
दिवाली: खूबसूरत सांचों में ढलने लगीं खुशियां
आज भी ज्यादातर लोग दिवाली पर कैंडिल की बजाय इन दीयों को जलाना ही पसंद करते हैं।
दिवाली: खूबसूरत सांचों में ढलने लगीं खुशियां
लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र की एक तस्वीर, जहां एक कुम्हार दीयों को बनाने में जुटा है।
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दीओं को बड़े जतन से धूप में सुखाया जाता है। अगर जरा भी चूक हुई, तो ये बेकार हो जाते हैं।
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हालांकि धीरे-धीरे यह परंपरा खत्म होती जा रही है।
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तब भी इस खूबसूरत विरासत को संजो कर रखने की कोशिश जारी है।
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दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने का विधान है। कारीगर रात-दिन जुटकर मूर्तियों को बनाने में लगे हुए हैं।
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भगवान गणेश की मूर्ति बनाती एक बच्ची।
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मां लक्ष्मी की पूजा का दिन हो और उनकी सवारी न हो, यह कैसे संभव है....
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मूर्तियों और दीओं के अलावा कई तरह के खिलौने भी बनाए जाते हैं।