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Prateek Yadav Death: बीपी, हाइपरटेंशन और इस बीमारी से परेशान थे प्रतीक, 4 माह पहले फेफड़ों में हुआ था संक्रमण

Wed, 13 May 2026 02:03 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का निधन हो गया है। जानकारी सामने आई है कि वो फेफड़ों की गंभीर बीमारी से ग्रसित थे। कुछ दिनों पहले गंभीर हालत में लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती किए गए थे। हालांकि इलाज पूरा होने से पहले ही वो ICU से घर चले गए थे।
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Prateek Yadav Death - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का 38 वर्ष की आयु में लखनऊ में निधन हो गया है। बुधवार की सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी सामने आ रही है कि प्रतीक यादव फेफड़ों की गंभीर बीमारी से ग्रसित थे।

प्रतीक यादव फेफड़ों की एक अत्यंत गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उन्हें कुछ समय पहले लखनऊ के एक निजी अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। प्रतीक पल्मोनरी एम्बोलिज्म नामक एक जानलेवा बीमारी की चपेट में आ गए थे।
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Prateek Yadav - फोटो : अमर उजाला
यह बीमारी फेफड़ों को बुरी तरह प्रभावित करती है और इसे अत्यंत खतरनाक माना जाता है। इसमें खून का थक्का फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में फंस जाता है। इससे शरीर में रक्त संचार गंभीर रूप से बाधित हो जाता है। पल्मोनरी एम्बोलिज्म को एक जानलेवा चिकित्सा स्थिति के रूप में जाना जाता है। इस बीमारी के कई गंभीर और चिंताजनक लक्षण होते हैं।

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Prateek Yadav - फोटो : अमर उजाला
पल्मोनरी एम्बोलिज्म की चपेट में थे प्रतीक
कुछ दिनों पहले गंभीर हालत में लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती किए गए थे। इस बीमारी में खून का थक्का फेफड़ों की नसों में फंसकर ब्लड सर्कुलेशन को रोक देता है। इस बीमारी में अचानक सांस फूलना, सीने में तेज दर्द, खांसी, और ऑक्सीजन का स्तर कम होता है। फेफड़ों की इस गंभीर बीमारी को जानलेवा कहा जाता है। 

 

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अपर्णा यादव व प्रतीक यादव। - फोटो : instagram
हालांकि, प्रतीक यादव अपना आवश्यक इलाज पूरा होने से पहले ही अस्पताल से घर चले गए। वह गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती रहकर उपचार प्राप्त कर रहे थे। पल्मोनरी एम्बोलिज्म एक गंभीर आपातकालीन चिकित्सा स्थिति है। इसमें तत्काल और विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है। 
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अपर्णा यादव की प्रतीक के साथ की तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
पीजीआई के सरदार पटेल डेंटल कॉलेज की रहने वाली अपर्णा यादव की करीबी मित्र रीना सिंह ने बताया कि उन्हें जानकारी हुई थी कि चार महीने पहले अपर्णा के पति के लंग्स में इंफेक्शन हुआ था जिसका ऑपरेशन हुआ था। उन्होंने उनकी मौत की खबर सुनी तो सन्न रह गई और सीधे भाग कर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची।

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'उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन जैसी दिक्कतें थीं'

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प्रतीक यादव कितने अमीर - फोटो : amar ujala
मेडिसिन विभाग की एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. रुचिता शर्मा कहती हैं, "हमें प्रतीक यादव के निधन की खबर मिली है, और इस नुकसान से हमें गहरा दुख हुआ है। वह हमारे पुराने मरीज थे। मैं काफी समय से उनका इलाज कर रही थी, उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन जैसी दिक्कतें थीं। 

 
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प्रतीक यादव के शव को घर लाने की तैयारी। - फोटो : amar ujala
कुछ ही दिन पहले, उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म होने के बाद यहां भर्ती किया गया था, यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें खून का थक्का (blood clot) धमनियों में पहुंचकर वहीं फंस जाता है। उनके फेफड़ों में रुकावट के कारण, उनके दिल के काम करने पर बुरा असर पड़ा था। 

 
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38 की उम्र में प्रतीक यादव की अचानक मौत - फोटो : अमर उजाला
कुछ दिन पहले वह सांस लेने में दिक्कत और सांस से जुड़ी अन्य समस्याओं की शिकायत लेकर यहां आए थे, और उसी समय उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म का पता चला था। पल्मोनरी एम्बोलिज्म की स्थिति, अपने आप में ही, बहुत गंभीर होती है और इसमें काफी ज्यादा खतरा होता है। वह पहले से ही खून पतला करने वाली दवाएं ले रहे थे। उन्हें अपनी मेडिकल दिक्कतों के बारे में पूरी जानकारी थी और वह अपनी ब्लड प्रेशर की दवाएं नियमित रूप से लेते थे।

 
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