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Prateek Yadav Death: राजनीति से दूर, फिर भी चर्चाओं में रहे प्रतीक; 19 जनवरी को अपर्णा से किया था तलाक का एलान

Thu, 14 May 2026 08:33 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की मौत फेफड़े में खून जमने से हुई थी। वो बुधवार तड़के विक्रमादित्य मार्ग स्थित घर पर किचन में बेसुध मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हृदय गति रुकना भी वजह सामने आई है।
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Prateek Yadav Death - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव (38) का बुधवार तड़के निधन हो गया। वह विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास के किचन में सुबह करीब चार बजे अचेत अवस्था में मिले थे। इसके बाद प्रतीक के नौकर ने सिविल अस्पताल में फोन किया। डॉक्टरों की टीम प्रतीक के घर गई। घर पर उनके शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी। इसके बाद प्रतीक को सिविल अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

प्रतीक यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष व भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति थे। केजीएमयू में हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हृदय गति रुकने और फेफड़ों में खून का थक्का जमने को मौत का कारण बताया गया। हालांकि विस्तृत जांच के लिए विसरा और दिल सुरक्षित रखा गया है। 
 
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प्रतीक यादव की आक्समिक मौत - फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रतीक यादव के शरीर पर चोट के छह निशान मिले। ये करीब सात से दस दिन पुराने बताए जा रहे हैं। इनमें से कोई भी चोट गंभीर नहीं थी। पुलिस के अनुसार परिवार की ओर से किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। 
 
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लखनऊ पहुंची अपर्णा यादव - फोटो : एएनआई
घर पर नहीं थीं अपर्णा, मुंबई से पहुंचीं लखनऊ
अपर्णा यादव तबीयत बिगड़ने के समय मुंबई में थीं। पति की मौत की खबर सुनकर वह दोपहर दो बजे लखनऊ पहुंचीं। उसके बाद परिजन पोस्टमार्टम हाउस से प्रतीक का शव लेकर आवास पहुंचे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपर्णा के घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त की और परिजनों को ढांढ़स बंधाया। अपर्णा के घर के बाहर बड़ी संख्या में भाजपा और सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा।

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पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
खबर मिलते ही पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे अखिलेश
छोटे भाई की मौत की खबर मिलते ही अखिलेश यादव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रतीक बेहद अच्छे स्वभाव के थे और अपने व्यवसाय व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते थे।

 
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अखिलेश यादव - फोटो : ANI
उन्होंने बताया कि प्रतीक से आखिरी मुलाकात करीब दो महीने पहले हुई थी। तब भी मैंने स्वास्थ्य पर ध्यान देने की बात कही थी। वह बिजनेस में कुछ बड़ा करना चाहता था। वह हमारे बीच नहीं है। यह बहुत दुखद है। अखिलेश ने कहा कि इस मामले में जो कानून कहता है, जो परिवार कहता है, हम लोग उसी आधार पर आगे बढ़ेंगे।

 
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प्रतीक यादव की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
हर चेहरा स्तब्ध, आंखें नम...।
प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन के बाद विक्रमादित्य मार्ग स्थित उनके आवास पर सुबह से ही संवेदना व्यक्त करने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। दो सौ मीटर तक प्रतीक के चाहने वालों का तांता लगा रहा। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और मुख्य द्वार से लेकर दो सौ मीटर तक पुलिस तैनात रही।
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प्रतीक यादव की आक्समिक मौत - फोटो : अमर उजाला
सुबह आठ बजे से ही प्रतीक यादव के आवास पर रिश्तेदारों, करीबियों और समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। आवास के मुख्य द्वार से करीब सौ मीटर तक लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। हर चेहरा गमगीन था और हर आंख नम। 

 

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प्रतीक यादव की आक्समिक मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए जाता सामान - फोटो : अमर उजाला
दोपहर दो बजे जब प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर उनके आवास पर पहुंचा, तो वहां मौजूद लोगों का सब्र जवाब दे गया। परिजनों की चीख-पुकार और समर्थकों की सिसकियां सुनाई दे रही थीं। सुबह से लेकर शाम तक मुख्य द्वार बंद रहा। 
 

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प्रतीक यादव की मौत। - फोटो : अमर उजाला।
किसी विशिष्ट के आने पर ही द्वार को कुछ मिनट के लिए सिर्फ खोला जा रहा था। दुख की इस घड़ी में परिवार को ढांढस बंधाने के लिए शहर की मेयर सुषमा खर्कवाल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान व आयोग की कई अन्य सदस्य उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के आवास पर पहुंचीं। घर के अंदर और बाहर लोगों की भारी भीड़ यह बताने के लिए काफी थी कि प्रतीक का जुड़ाव लोगों से कितना गहरा था। 
 

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प्रतीक यादव की आक्समिक मौत - फोटो : अमर उजाला
विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रही। पुलिस ने मोर्चा संभाले रखा ताकि भीड़ की वजह से यातायात या शांति व्यवस्था में कोई बाधा न आए। भीड़ के बावजूद लोग कतारबद्ध होकर शोक संवेदना प्रकट करने का इंतजार करते दिखे।
 

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प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
अपर्णा को ढांढस बंधाने पहुंचीं मां
अपर्णा यादव को ढांढस बंधाने के लिए उनकी मां अंबी विष्ट सुबह ही आवास पर पहुंच गई। उनकी नम आंखें और चेहरे की उदासी दुख को व्यक्त कर रही थी। वहीं, दोपहर करीब दो बजे अपर्णा यादव अपने आवास पर पहुंची। पति के शव को देखकर अपर्णा रो पड़ीं। परिजनों ने किसी तरह उन्हें शांत कराया। 

 

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प्रतीक यादव की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
राजनीति से दूर रहकर भी चर्चाओं में बने रहे प्रतीक
मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव जीवनपर्यंत राजनीति से दूरी बनाए रहे, लेकिन इसके बावजूद वे चचर्चाओं में बने गए। कुछ समय पहले वे अपनी निजी जिंदगी और पानी अपर्णा यादव से जुड़ी खबरों के चलते चर्चा के केंद्र में आए थे। 

 

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प्रतीक यादव। - फोटो : amar ujala
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की शादी वर्ष 2011 में हुई थी। यादव परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण प्रतीक लगातार चर्चाओं में बने रहे। अपर्णा यादव बाद में सक्रिय राजनीति में आई। शुरुआत में सपा से जुड़े रहने के बाद फिर भाजपा में शामिल हो गईं।
 

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अपर्णा यादव व प्रतीक यादव। - फोटो : instagram
19 जनवरी को प्रतीक और अपर्णा में हुआ था विवाद, किया था तलाक का एलान
प्रतीक ने 19 जनवरी को आठ घंटे में दो पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा कर अपर्णा को स्वार्थी और परिवार तोड़ने वाली बताते हुए तलाक लेने की घोषणा की थी। इस पर कुछ दिनों तक अपर्णा ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। हालांकि, एक निजी टीवी चैनल से बात करते हुए उन्होंने इसे साजिश का हिस्सा बताया था और पर्दाफाश करने की बात कही थी। प्रतीक ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट में कहा था कि मैं इस स्वार्थी औरत से जल्द से जल्द तलाक लेने जा रहा हूं। इसने मेरे पारिवारिक रिश्ते बर्बाद कर दिए। इसका एकमात्र लक्ष्य है मशहूर और प्रभावशाली बनना। इस समय मेरी मानसिक स्थिति बहुत खराब है। इसे कोई परवाह नहीं। इसे सिर्फ अपनी ही चिंता है। मैंने कभी ऐसी बुरी आत्मा नहीं देखी। मेरा दुर्भाग्य था कि मैंने इससे शादी की।
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अपर्णा यादव की प्रतीक के साथ की तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
प्रतीक यादव ने उसी दिन शाम सात बजे एक और पोस्ट किया। इसमें बच्चों की कसम खाते हुए अपर्णा को जिंदगी में देखी गई सबसे बड़ी झूठी महिला बताया था। हालांकि 28 जनवरी को उन्होंने एक और पोस्ट कर विवाद पर विराम लगा दिया था। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि परिवार को चैंपियनों का परिवार बताते हुए लिखा कि चैंपियन वही होते हैं जो अपनी व्यक्तिगत और व्यावसायिक समस्याओं को सुलझा लेते हैं।
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