मुख्यमंत्री कार्यालय लोक भवन में रविवार दोबारा उस वक्त बत्ती गुल हुई जब सीएम अखिलेश यादव समारोह में मौजूद थे। लोक भवन की बत्ती गुल होने का एलर्ट लेसा के सिस्टम पर पहुंचा तो हड़कंप मच गया। लेकिन यह बत्ती लेसा के बजाय राजकीय निर्माण निगम के सिस्टम के धोखा देने से गुल हुई। बत्ती गुल होने पर बखेड़ा होता उससे पहले लोक भवन रोशन हो गया। राजकीय निर्माण निगम अफसरों की उदासीनता के चलते लोक भवन की बत्ती गुल होने की घटना हुई।
विज्ञापन
2 of 5
समारोह के दौरान अपराह्न 3:24 बजे अचानक जोरदार धमाका होने के बाद राजकीय निर्माण निगम के सिस्टम का पैनल ट्रिप हो गया। लोक भवन की बत्ती गुल होने ही लेसा अफसरों तक सूचना पहुंची तो हड़कंप मच गया। लेसा टीम ने फौरन जांच की तो पता चला उसके बिजली के दोनो स्रोत 132 केवी मारटिनपुरवा एवं महताब बाग में कोई व्यवधान नहीं आया था। बल्कि निर्माण निगम के उपकेंद्र के 440 वोल्ट के पैनल बंद हो गये थे।
विज्ञापन
3 of 5
पहले गिर चुकी गजा
इसी साल अक्टूबर में लोक भवन की बत्ती गुल होने पर मुख्य अभियंता से लेकर उपखंड अधिकारी तक पर कार्रवाई हो चुकी। जिसमें मुख्य अभियंता आशुतोष कुमार को चेतावनी, अधीक्षण अभियंता जीडी द्विवेदी का तबादला, एक्सईएन पीके सिंह को चेतावनी एवं उपखंड अधिकारी शैलेंद्र सिंह को हटाया जा चुका है।
4 of 5
गौरतलब है कि सीएम अखिलेश का कार्यालय बेहद भव्य है, जो कि 602 करोड़ रुपये से बनकर तैयार हुआ था।