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पोस्टमार्टम: सिर किसी का, धड़ किसी का तो लाश एक कैसे

Wed, 09 Dec 2015 01:50 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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युवतियों की हत्या करके सिर, धड़ व पैर अलग-अलग स्थानों पर फेंके जाने की गुत्थी सुलझने के बजाय उलझती जा रही है। सीतापुर में पुलिया के नीचे छिपाकर रखी ट्रॉली में मिले सिर और मड़ियांव इलाके में बोरों में भरकर फेंके गए धड़ व पैरों के पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने जो उम्र आंकी है उसमें दोगुने का अंतर है। डॉक्टरों की राय चार युवतियों के कत्ल का इशारा कर रही है।
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नतीजे तक पहुंचने के लिए सीतापुर और लखनऊ में डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट को वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर विशेषज्ञों से राय मांगी गई है। सिर, धड़ व पैरों के एक्सरे व खाल के नमूने भी परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं। डीएनए परीक्षण जल्द कराने की कार्रवाई की जा रही है।
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सीतापुर के मानपुर थाने के गांव कमियापुर स्थित पुलिया के नीचे छिपाकर रखे ट्राली बैग में बृहस्पतिवार को दो युवतियों के सिर मिले थे। शिनाख्त के लिए तय समय तक इंतजार के बाद डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया गया। धारदार हथियार से गला काटकर हत्या की पुष्टि के साथ डॉक्टरों ने युवतियों की उम्र क्रमश: 19 व 22 वर्ष आंकी। स्थिति स्पष्ट करने के लिए सिर का एक्सरे कराया गया।

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नतीजा न निकलने पर खाल के नमूने परीक्षण के लिए सुरक्षित किए गए और डॉक्टरों के पैनल से खाल की जांच कराई जाएगी। इधर, लखनऊ के मड़ियांव इलाके में तीन बोरों में मिले धड़ व पैरों का डॉक्टरों के पैनल ने मिलान किया। तय हुआ कि धड़ व पैर दो युवतियों के हैं। डॉक्टरों ने युवतियों की उम्र 30 व 40 वर्ष आंकी।
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सीतापुर के डॉक्टरों के पास युवतियों की आयु का अनुमान लगाने का आधार उनके दांत थे और लखनऊ के डॉक्टरों ने कलाई की हड्डी से उम्र आंकी। इस तरह सीतापुर और लखनऊ में मिले युवतियों के शरीर के टुकड़ों आधार पर आयु 19, 22, 30 व 40 वर्ष होने का अनुमान लगाया गया। सिर, धड़ व पैर के आधार पर युवतियों की उम्र में दस व बीस वर्ष का अंतर नजर आ रहा है जो चार युवतियों की हत्या करके उनके शरीर के टुकड़े फेंके जाने का इशारा कर रहा है।
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कत्ल व साक्ष्य छुपाने के दो मुकदमे
सीतापुर में दो युवतियों के सिर बरामद होने के अगले दिन मड़ियांव क्षेत्र में दो युवतियों के धड़ व पैर मिलने पर पुलिस के अफसरों ने दोनों मामले जोड़कर छानबीन शुरू कराई, लेकिन चार युवतियों के कत्ल को लेकर सशंकित थे।
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यही वजह है कि मानपुर थाने में दर्ज हत्या व साक्ष्य छुपाने के मुकदमे से मड़ियांव क्षेत्र में मिले युवतियों के धड़ व पैरों को जोड़ने के बजाय मड़ियांव में भी हत्या व साक्ष्य छुपाने का मुकदमा दर्ज किया गया। दोनों थानों की पुलिस ने तफ्तीश शुरू की और आला अफसर उन्हें जोड़कर नतीजा निकालने की कोशिश में हैं।

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डीएनए टेस्ट से साफ होगी तस्वीर
आईजी जोन जकी अहमद ने कहा कि लखनऊ में डॉक्टरों के पैनल ने धड़ व पैरों के पोस्टमार्टम के बाद युवतियों की उम्र 30 व 40 वर्ष आंकी है, जबकि सीतापुर में युवतियों के सिर का पोस्टमार्टम करने वाली टीम उनकी आयु नहीं बता सकी। एक्सरे से भी कोई नतीजा नहीं निकला तो खाल सुरक्षित की और डॉक्टरों के पैनल से जांच कराने की तैयारी चल रही है।

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दरअसल, सीतापुर में ट्रॉली बैग में मिले युवतियों के सिर के पंचनामा भरने के दौरान उनकी उम्र 19 व 22 वर्ष आंकी गई थी। उसी आधार पर डॉक्टरों ने भी कयास लगाया। सिर, धड़ व पैरों का डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि सिर, धड़ व पैर दो ही युवतियों के थे या फिर कोई और पेच है। फिलहाल दो ही युवतियों के अंग लग रहे हैं।
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छह दिन बाद भी नतीजा शून्य
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि तमाम प्रयास के बाद भी धड़ व पैरों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। ईंट भट्ठों पर काम करने वाली व बाहर से आकर रह रही महिलाओं के भी बारे में छानबीन कराई गई। फिलहाल कहीं से भी दोनों युवतियों के बारे में जानकारी नहीं मिली। हत्या करके शव फेंकने वालों का भी कोई सुराग नहीं लग सका है। इसी तरह सीसीटीवी फुटेज व सर्विलांस सेल से कराई जा रही छानबीन भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
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