पंचायती राज मंत्री के आश्वासन के बावजूद मांगें पूरी न होने से नाराज ग्राम प्रधानों ने सोमवार को प्रदर्शन के दौरान रमाबाई स्थल पहुंचे प्रमुख सचिव को बंधक बना लिया। प्रधानों का उग्र रूप देख पुलिस ने उन पर जमकर लाठियां चलाईं।
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ग्राम प्रधानों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान विरोधी गुट के इशारे पर अराजक तत्वों ने माहौल खराब किया।
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मानदेय 2500 से बढ़ाकर 10 हजार करने, 14वें वित्त आयोग की धनराशि खर्च करने का अधिकार ग्राम पंचायतों को देने, पंचायतों का खर्च 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष करने, आकस्मिक खर्च की रकम 10 हजार करने सहित अन्य मांगों को लेकर सैकड़ों प्रधान राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा की अगुवाई में रमाबाई रैली स्थल पर जुटे थे। वे मंत्री के आश्वासन के बावजूद मांगों पर कार्रवाई न होने से नाराज थे।
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इसी बीच प्रमुख सचिव पंचायती राज चंचल कुमार तिवारी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंच गए। उन्होंने मांगों के बारे में खुद को सक्षम अधिकारी न होने की बात कही। इस पर करीब दर्जन भर ग्राम प्रधानों ने उनका घेराव कर बंधक बना लिया। काफी देर तक समझाने के बाद पुलिस ने प्रधानों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया। लाठीचार्ज के बाद प्रमुख सचिव को मुक्त कराया गया। उपद्रवियों ने वहां खड़ी प्रधानों की करीब आधा दर्जन गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए।
प्रदेश अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा, प्रमुख सचिव को ग्राम प्रधानों ने बंधक नहीं बनाया बल्कि विरोधी गुट के इशारे पर कुछ अराजक तत्वों ने ऐसा करके माहौल बिगाड़ा है। उनका तर्क है कि अगर ग्राम प्रधान उपद्रव करते तो खुद की गाड़ियां नहीं तोड़ते। उन्होंने लाठीचार्ज में किसी ग्राम प्रधान के घायल होने से इन्कार किया।