मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने के मामले में छात्र संगठनों के गिरफ्तार किए गए सदस्यों की रिहाई की मांग को लेकर छात्रों ने शनिवार को फिर प्रदर्शन किया।
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जीपीओ पहुंचे छात्र संगठनों के सदस्यों को पुलिस ने समझाने की कोशिश की लेकिन जब वे नहीं माने तो लाठियां फटकार कर उन्हें खदेड़ा गया। पुलिस की ओर से बल प्रयोग करने में इंकलाबी नौजवान सभा के एक सदस्य कौशल किशोर को हाथ और पैर में चोटें भी आ गईं।
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इस दौरान छात्र नेता ज्योति राय ने कहा कि हमारी मांग है कि जेल भेजे गए हमारे साथियों को जल्द रिहा किया जाए। साथ ही उन पर लगे फर्जी मुकदमों को भी हटाया जाए।
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इसके अतिरिक्त लविवि प्रशासन द्वारा किया गया निलंबन भी वापस किया जाए। वहीं सुधाकर ने कहा कि यह लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश चल रही है। इसके लिए सरकारों को तैयार रहना चाहिए।
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उन्होंने पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की निंदा की और कहा कि यह सरकार का दमनकारी चरित्र है। भारत की जनवादी नौजवान सभा के प्रदेश सचिव राधेश्याम वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालयों में किसी भी राजनीतिक दल की गतिविधियों पर रोक लगानी चाहिए। वित्त अधिकारी ने इस कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी थी।
इसके बाद भी कुलपति द्वारा सहमति प्रदान की गई, यह निंदनीय है। प्रदर्शन में आइसा, एनएसयूआई, डीवाईएफआई, आरवाईए, एपवा ने शिरकत की। ज्ञापन सौंपने के बाद सभी छात्र संगठनों ने एक मीटिंग कर ‘दमन विरोधी मोर्चा’ बनाया। साथ ही प्रदेशव्यापी आंदोलन करने का भी एलान किया।