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रुचि अग्रवाल हत्याकांड में खुलासा: हत्यारा बोला- आज पैसा चाहिए, भले ही जेल हो या फांसी

Thu, 01 Apr 2021 03:29 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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रुचि अग्रवाल और उनके घर में लगे खून के धब्बे। - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के गोमतीनगर के विश्वास खंड में व्यापारी डॉ. हर्ष अग्रवाल की पत्नी रुचि अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस जांच कर रही है। वारदात का मुख्य आरोपी गुलफाम गिरफ्तार कर लिया गया है।

डॉ. अग्रवाल के घर में कई दशक से काम करने वाले नौकर नंदलाल (70) ने बताया कि जब बेटी प्रियांशी ने उसे बताया कि गुलफाम ने मम्मी को चाकू मार दिया है तो वह गेट के पास पहुंचा। इसी बीच हाथ में खून से सना बरमा लेकर गुलफाम नीचे उतरा और नंदलाल से कहा कि हट जाओ नहीं तो तुम्हें भी मार डालूंगा। नंदलाल ने बताया कि गुलफाम चिल्ला रहा था कि आज बस पैसा चाहिए, भले ही जेल हो या फांसी।
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आरोपी गुलफाम। - फोटो : अमर उजाला
डॉ. हर्ष के मकान के प्रथम तल पर ढाई महीने से कारपेंटर गुलफाम व उसका साथी तस्लीमुद्दीन निवासी मड़ियांव काम कर रहे थे। बुधवार दोपहर करीब एक बजे रुचि लॉरेटो कॉन्वेंट में पढ़ने वाली दोनों बेटियों को लेकर घर लौटी थीं। तभी पति का फोन आ गया। वह हॉल में बैठी फोन पर बात कर ही रही थीं कि कारपेंटर गुलफाम आ गया और बेटी वामिका के गले पर बरमा (लकड़ी में छेद करने वाला औजार) रखकर जान से मारने की धमकी देने लगा। इस पर घबराईं रुचि ने बेटी से कमरे में भागने को कहा और गुलफाम से भिड़ गईं।
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घर के अंदर मौजूद फोरेंसिक टीम ने पूरे मामले की जांच की। - फोटो : अमर उजाला
फोन पर रुचि की चीख सुनकर डॉ. हर्ष घबरा गए और अनहोनी की आशंका में उन्होंने अपने पड़ोसियों व कुछ परिचितों को फोन करके तत्काल घर पहुंचने को कहा। बड़ी बेटी प्रियांशी तुरंत नीचे भागी और गेट के पास बैठे अपने बुजुर्ग नौकर नंदलाल को बताया कि गुलफाम ने मम्मी को चाकू मार दिया है। फिर वह मदद मांगने पड़ोसी के घर में घुस गई। इस बीच रुचि ने कमरे में जाकर जान बचाने की कोशिश की, लेकिन गुलफाम भी कमरे में घुस गया। गुलफाम ने उनके पेट, कंधे व हाथ पर बरमा से कई वार कर दिए।

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- फोटो : अमर उजाला
चंद मिनट में ही डॉ. हर्ष के पड़ोसी व कई परिचित घर पहुंच गए और खून से लथपथ रुचि को लेकर लोहिया अस्पताल भागे। मगर घाव गहरे होने से अधिक खून बह जाने के कारण कुछ देर में ही रुचि की मौत हो गई। वहीं, वारदात के दौरान घबराकर भागने से गिरकर वामिका के पैर में मामूली चोट आई है।
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वारदात के बाद घर में लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि आरोपी को ठाकुरगंज के फरीदीपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। गुलफाम नशे का आदी है और बिजनेस शुरू करने के लिए रकम नहीं देने पर वह डॉ. हर्ष से नाराज था। इसी वजह से उसने रुचि की हत्या करने की बात स्वीकार की है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
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घर में जांच करती फोरेंसिक टीम। - फोटो : अमर उजाला
पुलिस व फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
गोमतीनगर के पॉश इलाके में हत्या की सूचना मिलते ही डीसीपी पूर्वी संजीव सुमन, एडीसीपी एसएम कासिम आब्दी, एसीपी श्वेता श्रीवास्तव व इंस्पेक्टर केके तिवारी फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने डॉ. हर्ष अग्रवाल, उनकी दोनों बेटियों, नौकर नंदलाल व पड़ोसियों से घटना के बारे में जानकारी लेने के साथ ही मौके से साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही पुलिस की एक टीम ने इलाके में लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली। इसमें आरोपी गुलफाम हाथ में बरमा लेकर जाता दिखा।
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बेडरूम में भी खून के छींटे पाए गए। - फोटो : अमर उजाला
ठेकेदार की मदद से आरोपी तक पहुंची पुलिस
डॉ. हर्ष ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि उन्होंने कुछ महीने पहले ठेकेदार इम्तियाज को फर्नीचर व लकड़ी के अन्य काम कराने का ठेका दिया था। इम्तियाज ने चार-पांच बढ़ई भेजे थे। फिर अधिक काम नहीं बचा तो उसने गुलफाम व एक अन्य बढ़ई तस्लीमुद्दीन निवासी मड़ियांव को भेजना शुरू कर दिया। ढाई महीने से गुलफाम व तस्लीमुद्दीन ही काम कर रहे थे।

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- फोटो : अमर उजाला
इस सूचना पर पुलिस ने इम्तियाज व तस्लीमुद्दीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि गुलफाम ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के फरीदीपुर में रहता था। एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि आरोपी गुलफाम को ठाकुरगंज के फरीदीपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। गुलफाम नशे का आदी है और बिजनेस शुरू करने के लिए रकम नहीं देने पर वह डॉ. हर्ष अग्रवाल से नाराज था। इसी वजह से उसने रुचि की हत्या करने की बात स्वीकार की है।

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घर के अंदर का एक दृश्य। - फोटो : अमर उजाला
सुबह बहकी-बहकी बातें कर रहा था गुलफाम
डॉ. हर्ष अग्रवाल ने बताया कि सुबह रुचि हॉल में बैठी थीं और वह किचन में आमलेट बना रहे थे। तभी गुलफाम हॉल के दरवाजे के पास आया और रुचि से बोला कि जरूरी बात करनी है। रुचि ने पूछा क्या बात करनी है तो उसने कहा दोनों लोग आइए, आप दोनों से एक साथ बात करनी है। डॉ. हर्ष का कहना है कि उन्होंने गुलफाम से कुछ देर बाद बात करने को कहा।
 
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जांच करते पुलिस कर्मी। - फोटो : अमर उजाला
इस पर वह पहली मंजिल पर जाकर काम करने लगा। डॉ. हर्ष ने बताया कि घर से निकलते वक्त उन्होंने गुलफाम से पूछा कि क्या बात करनी है। इस पर वह कहने लगा कि साहब पैसे से पैसा आता है। आप मुझे पैसा दो तो मैं बिजनेस में लगाकर आपको खूब कमाकर दूंगा। डॉ. हर्ष ने कहा कि गुलफाम बहकी-बहकी बातें कर रहा था, इसके चलते उसकी बातों को कोई तवज्जो न देकर वह घर से चले गए।
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