इन आकर्षणों ने और बढ़ाई शान
- बाराबदरी पार्क में नगीने वाली बारादरी किसी जमाने में कैसरबाग में थी, जू बनने के साथ ही उसे पूरा का पूरा समूचे रूप में यहां शिफ्ट किया गया।
- मौजूदा मछली घर के पीछे जंगल के बीचोंबीच नवाबों के घरों की महिलाओं के लिये पिकनिक नुमा ऐशमहल था, बाद में जर्जर हुआ। उसे 90 के दशक में अधिकारियों ने दोबारा चमकाया।
- 60 के दशक के आखिरी समय में जू में पहली बालरेल दौड़ी, इसकी सैर के लिए समूचे प्रदेश से लोग यहां आया करते थे। उसके बाद दो ट्रेनें बदली जा चुकी हैं। हालिया ट्रेन 2013-2014 में तैयार हुई। इसमें 84 लोग घूम सकते हैं।
- 1983 में जू के राज्य संग्रहालय परिसर में पूर्व प्रधानमंत्रियों पं. नेहरू-इंदिरागांधी का राजहंस हवाई जहाज पहुंचने के बाद लोकप्रियता और बढ़ी। शुरुआत में उसके भीतर भी लोग बैठ सकते थे।
- हालिया सालों में जू में बोटिंग पॉन्ड, फूडकोर्ट, कैंटीन, थ्री डी ऑडिटोरियम, प्रकृति शिक्षण केंद्र, सेल्फी प्वांइट, वेटिंग जोन और वर्चुवल टूर गाइड भी हैं।