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तस्वीरों में जलप्रलय: फसलें डूबीं, रास्ते बंद, छतों पर चूल्हा और पानी में जिंदगी; लखनऊ में बस बेबसी के आंसू

Sun, 04 Oct 2026 10:07 AM IST
Bhupendra Singh कुलदीप सिंह, अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

प्राइवेट नौकरी कर परिवार का खर्च चलाने वाले रोशन लाल चार दिन से काम पर नहीं जा पा रहे हैं। घर में रखा राशन और पीने का पानी भी खत्म होने को है। शनिवार सुबह जब राहत सामग्री लेकर नाव उनके दरवाजे तक पहुंची तो वह भावुक हो गए। आंखों से आंसू छलक पड़े। आगे पढ़ें विस्तार से...
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लखनऊ में बाढ़ के बीच राहत सामग्री मिली तो छलके आंसू, दिया धन्यवाद। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
राजधानी लखनऊ में फैजुल्लागंज की मामा कॉलोनी कई दिनों से बाढ़ की चपेट में है। घरों में पानी घुसा है और लोगों के सामने खाने के माथ पीने के पानी का भी संकट है। ऐसे में शनिवार को सामाजिक संगठनों और जिला प्रशासन की ओर से राहत सामग्री पहुंचाई गई। क्षेत्रीय विधायक नीरज बोरा, एमएलसी मुकेश शर्मा, सांसद राजनाथ सिंह के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी और पार्षद मान सिंह यादव दो नावों से सामग्री लेकर कॉलोनी पहुंचे।

चार दिन से घरों में कैद लोगों के ये नाव सिर्फ राशन नहीं, उम्मीद लेकर पहुंची थी। नाय जैसे-जैसे कॉलोनी के भीतर बढ़ी, छतों और दरवाजों पर खड़े लोगों की निगाहें उसी पर टिक पास पहुंचते ही लोग नीचे उतरने लगे।
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बाढ़ के पानी से होकर बेटे संग निकलता युवक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
एक व्यक्ति ने कहा, 'साहब, परिवार बहुत परेशान है। न बिजली है और न पानी। एक-एक मिनट कैसे काट रहे हैं, यह हम ही जानते हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे और हम काम पर नहीं जा पा रहे। रात होते ही डर लगता है कि कोई जीव जंतु पानी के रास्ते घर में न आ जाए। छोटे लाल, मनोज कश्यप, दीपू सिंह और उमेश कुमार ने राहत सामग्री पहुंचाने बालों का आभार जताया। लोगों को उम्मीद है कि जल्द पानी कम होगा और जिंदगी पटरी पर लौटेगी।
 
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राहत सामग्री वितरित करते विधायक नीरज बोरा व अन्य। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

सुबह टूट जाती है रात की उम्मीद

कॉलोनीवासियों ने बताया कि कई दिनों से जिंदगी घरों में कैद है। रात में उम्मीद रहती है कि सुबह पानी कम मिलेगा, लेकिन आंख खुलते ही चारों तरफ पानी नजर आता है। न कोई बाहर जा पा रहा है और न आसानी से अंदर आ पा रहा है।
 

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बाढ़ के बीच नाव से आते जाते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

माइक की आवाज ने दी राहत की खबर

विनय प्रताप घर की छत पर खड़े थे। दूर से नाव आती दिखी तो लगा कि शायद अधिकारी या जनप्रतिनिधि निरीक्षण करने आए हैं। तभी माइक से आवाज गूंजी आप लोगों के लिए राशन आया है।' यह सुनते हो उनके चेहरे पर खुशी आ गई। कई दिनों को परेशानी के बीच यह आवाज कॉलोनी के लोगों के लिए राहत और उम्मीद बनाकर आई।
 
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ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने बाल्टी के ढक्कन के सहारे धूप से बचाव किया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

बाढ़ में फंसे परिवारों को नहीं पहुंच रही मदद

फैजुल्लागंज के शारदा नगर और कैलाश विहार में जलभराव से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कई परिवार अब भी घरों में फंसे हैं। इनका आरोप है कि राहत कार्य कॉलोनियों के बाहरी हिस्से तक सीमित है। अंदर फंसे लोगों तक राहत सामग्री और मदद नहीं पहुंच रही है।
 
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राहत सामग्री पाकर दिया धन्यवाद, तो किसी के छलके आंसू। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
शारदा नगर में एक होटल के पास रहने वाले कारोबारी रमाकांत शुक्ला पत्नी और तीन बेटियों के साथ घर में हैं। उनकी कक्षा 12 में पढ़ने वाली बड़ी बेटी की परीक्षा चल रही है, इसलिए उसे चौक स्थित बहन के घर भेज दिया है। रमाकांत ने बताया कि आसपास नावें गुजरती हैं, लेकिन नाविकों के मोबाइल नंबर लोगों के पास नहीं हैं। आवाज देने के बावजूद कई बार नाव नहीं रुकती। उन्होंने प्रशासन से नाविकों के नंबर सार्वजनिक कराने की मांग की है, ताकि जरूरतमंद सीधे संपर्क कर सकें।
 
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पानी भरने से कॉलोनी में नाम से आते जाते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
सूरज साहू ने बताया कि कुछ घरों में चोरी की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे में लोग घर छोड़कर जाने से भी डर रहे हैं। उन्होंने रात में ड्रोन से निगरानी कराने की मांग की है। कैलाश विहार निवासी उत्कर्ष मिश्रा ने बताया कि कई लोग बीमार हैं और जरूरी सामान जुटाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से अंदरूनी इलाकों तक राहत पहुंचाने और राहत कार्य तेज करने की मांग की।
 

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बाढ़ के पानी से डूबे घर, सामान निकालते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

पानी में डूबने से बचा बुजुर्ग

बख्शी का तालाब क्षेत्र के सुल्तानपुर, बहादुरपुर, हीरापुरवा, लासा के बाद शनिवार सुबह बाढ़ का पानी अकड़रिया गांव की र भी भरने लगा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में पूरी फसल पांच से दस फिट तक पानी में डूब चुकी है। शनिवार सुबह लगभग आठ बजे बहादुरपुर गांव से पांच भैंसों को एक रस्सी से बांधकर बुजुर्ग पांचू बाढ़ में डूबी सड़क के पांच फीट गहरे पानी से बाहर आ रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने रस्सी अपने हाथ बांध रखी थी और आगे-आगे चल रहे थे, इसी बीच भैंसों ने रास्ता बदल दिया। तो पांचू गहरे पानी में डूबते-डूबते बचे। 
 

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बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे डीएम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

बीकेटी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे डीएम, जेसीपी

गोमती का जलस्तर बढ़ने से बीकेटी तहसील के लासा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर, अकड़िया मऊ समेत आसपास के गांवों में भरा पानी थोड़ा कम जरूर हुआ है, लेकिन पीड़ितों की मुश्किलें बरकरार हैं। प्रभावित परिवारों के आवागमन व लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए 30 नावों की व्यवस्था की गई है। चार राहत शिविर एवं सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं।
 

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बेजुबान को कंधे पर ले जाती महिला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
यहां प्रभावित लोगों को भोजन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डीएम विशाख जी ने संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार के साथ नाव से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। डीएम ने राहत कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं होने देने के निर्देश दिए।
 

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बाढ़ के पानी में खेलते बच्चे। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
डीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भी प्रभावित गांवों में पहुंच कर आवश्यक दवाओं की किट और क्लोरीन की गोलियां बांटीं। पशुपालन विभाग ने पशुओं के लिए हरे चारे और भूसे की व्यवस्था की है। पशु चिकित्सकों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर पशुओं का उपचार कर रही हैं।

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बाढ़ के बीच नाव से सामान निकालते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।

नगर आयुक्त ने किया बचाव-राहत कार्यों का निरीक्षण

नगर आयुक्त गौरव कुमार ने शनिवार को जोन-तीन के फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंचकर बचाव और राहत कार्यों का हाल जाना। जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था, नाव की उपलब्धता, फॉगिंग और एंटी लार्वा के छिड़काव की जानकारी ली। अभियंत्रण विभाग ने बताया कि पंपसेट लगाकर पानी निकाला जा रहा है। 
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ड्रोन से की जा रही निगरानी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
ड्रोन से एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। प्रकाश और आवाजाही के लिए नाव की व्यवस्था भी की गई है। प्रभावित लोगों के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा, पलटन छावनी, उमराव हाता और दाउदनगर स्थित ट्रांजिट हॉस्टल में रैन बसेरों की व्यवस्था की जा रही है। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र में राहत और बचाव कार्यों में लापरवाही न करने की हिदायत दी।
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