फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोग दिवाली मनाने में मशगूल थे, वो फेंक गए दो नवजात बच्चियां, तस्वीरें

Mon, 31 Oct 2016 07:43 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 8
दीपों के पर्व पर कई परिवारों में नन्हें मेहमानों के आगमन से घर में खुशियों ने दस्तक दी। बेटी के रूप में साक्षात लक्ष्मी के दर्शन हुए। वहीं, कुछ मात-पिता ऐसे भी हैं, जो नवजात को फेंक गए। दिवाली के दिन रविवार को अलग-अलग इलाकों में दो नवजात बच्चियां कूड़े के ढेर में पड़ी मिलीं। इनमें से एक की मौत हो चुकी है, जबकि दूसरी को चाइल्ड लाइन के सिपुर्द कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, गुडंबा के गढी क्षेत्र से भगवानदीन पुत्र मैकूलाल ने पुलिस को सूचना दी एक नवजात बच्ची गांव के एक गड्ढे में कपडे़ में लिपटी पड़ी है। सूचना पर पुलिस पहुंची तो बच्ची को देख हतप्रभ रह गई। गड्ढे में पानी भरा था और नवजात की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
विज्ञापन

2 of 8
उधर, मड़ियांव क्षेत्र के मोहिबुल्लापुर रेलवे स्टेशन से भी चतुर्थ श्रेणी रेलवे कर्मचारी राकेश चंद्र वर्मा ने पुलिस को सूचना दी कि एक नवजात बच्ची कागज में लिपटी हुई कूड़े के कूड़े में मिली है। पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को कब्जे में लिया। गनीमत रही बच्ची जिंदा थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को मेडिकल के लिए भेजा। मामले की जानकारी चाइल्ड लाइन को दी। चाइल्ड लाइन से अमरेंद्र यादव कोतवाली पहुंचे और कागजी कार्यवाही पूरी की है। इंस्पेक्टर नागेश मिश्रा ने बताया बच्ची को बाल कल्याण संगठन को सौंप दिया जाएगा।
विज्ञापन

3 of 8
पहली संतान वो भी लक्ष्मी, और क्या चाहिए
ईंटगांव काकोरी के सुनील राठौर की पत्नी ज्योति ने रविवार रात 12:30 बजे वीरांगना अवंतीबाई महिला अस्पतल (डफरिन) में बच्ची को जन्म दिया। सुनील की मां केश दुलारी बताती है कि सुनील व ज्योति की यह पहली संतान है। दोनो पहली संतान बेटी ही चाहते थे। दीपावली के अवसर पर बेटी ने जन्म लिया तो साक्षात लक्ष्मी के दर्शन हो गए। मन्नतों से मिली बेटी का नाम आराधना रखा गया।

4 of 8
बेटी तो अपना भाग्य लेकर आती हैं
सर्वोदयनगर निवासी मजदूर शिवकुमार के घर चौथी बार बेटी ने जन्म लिया।  क्वीन मेरी अस्पताल में जन्मी बच्ची की मां रानी क कहना है कि बेटियां लक्ष्मी का रूप होती हैं। चौथी बार भी बेटी के जन्म लेने से घर में खुशी का माहौल है। उनका कहना है कि उन्हें पहले से ही तीन बेटियां हैं और अपनी-अपनी किस्मत लेकर आती हैं।
विज्ञापन

5 of 8
भाग्यलक्ष्मी घर आई है हमारे
मलिहाबाद के अशोक कुमार की पत्नी रेशमा ने डफरिन अस्पताल में बेटी को जन्म दिया तो घर में खुशी का ठिकाना न रहा। पूरे परिवार में जन्मी पहली बेटी ने सभी अपनी गोद में लेना चाहते थे। बुआ गीता यादव व पिता अशोक ने घर में लक्ष्मी आने की खबर सुनते ही उसका नाम भाग्यलक्ष्मी रख दिया। पूरे अस्पताल में मिठाई बांट कर खुशियां मनाई गई। पिता का कहना है कि हमारी ख्वाहिश थी कि हमारी पहली संतान बेटी ही हो।
विज्ञापन

6 of 8
पहली संतान दीपिका तो दूसरी दीपशिखा
इलाहाबाद की सीमा को तीन साल पहले बेटी हुई तो घर में रौनक आ गई। घर को अपनी किलकारियों से भरने वाली बच्ची का नाम नाम दीपिका रखा गया। वहीं तीन साल बाद जब रविवार सुबह करीब 11 बजे डफरिन अस्पताल में दूसरी बेटी ने जन्म लिया तो एक बार फिर घर में खुशियों ने दस्तक दी। दिल्ली में काम कर रहे पिता को इसका पता चला तो बच्ची को देखने के लिए पिता घर के लिए रवाना हो गए।
विज्ञापन

7 of 8
दादी-बुआ ने मिठाई के साथ की न्योछावर
गौरीगंज के सुमित अग्रवाल के घर दूसरी बार बेटी जन्म लिया तो परिवार में खुशियां मनाई गईं। मां श्वेता सेमत परिवारीजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। क्वीन मेरी अस्पताल स्थित दूसरी बार दिवाली त्यौहार पर ही जन्मी दूसरी बेटी की खुशी में दादी विद्या अग्रवाल व बुआ रिंकल ने मिठाई के साथ न्योछावर भेंट किया।
विज्ञापन

8 of 8
दिवाली पर इससे बड़ा तोहफा और क्या होगा
सआदतगंज के अखिलेश मिश्रा की पत्नी गीता ने क्वीन मेरी में रविवार सुबह करीब आठ बजे सुबह बिटिया को जन्म दिया। अखिलेश की मां लक्ष्मी मिश्रा ने बताया कि दिवाली के दिन खास तोहफा देने की खुशी में घर पर पूजा-अर्चना कर मां लक्ष्मी के उपकार के लिए धन्यवाद दिया जाएगा। साथ ही पटाखे जलाकर खुशियां मनाई जाएंगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें