रायबरेली के ऊंचाहार में पांच लोगों की हत्या के विरोध में ब्राह्मण समाज ने रविवार को यहां लक्ष्मण मेला मैदान और गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। जीपीओ के सामने समाज के लोगों और पुलिस के बीच करीब दो घंटे तक धींगामुश्ती होती रही। इससे वहां अफरातफरी का मौहाल बना रहा। हेल्प इंडिया हेल्प फाउंडेशन के आह्वान पर कई संगठनों के बनैर तले ब्राह्मण समाज के सैकड़ों लोग यहां जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा के सामने जमा हुए।
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प्रदर्शन
- फोटो : amar ujala
प्रदर्शनकारियों ने जब यहां से सीएम आवास के लिए कूच का एलान किया तो पुलिस ने बैरिकेटिंग कर उन्हें रोक दिया। इसी बीच कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस को चकमा देकर विधानभवन गेट नंबर एक तक पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें खदेड़ कर जीपीओ गेट के सामने कर दिया। यहां करीब दो घंटे तक पुलिस व प्रदर्शनकारियों में नोकझोंक होती रही। इस दौरान पुलिस ने दर्जनों प्रदर्शनकारियों को बसों में लाद कर लक्ष्मण मेला मैदान पहुंचाया।
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प्रदर्शनकारियों में राष्ट्र मनु आर्मी, राष्ट्रीय सेना, ब्राह्मण विकास प्रतिष्ठान, राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा, ब्राह्मण युवजन सभा, आरक्षण संघर्ष समन्वय समिति के कार्यकर्ता शामिल थे। फाउंडेशन के अध्यक्ष पीयूष पंडित ने ऊंचाहार हत्याकांड के आरोपियों को फांसी देने, पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
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कहा, इस मामले में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने अभियुक्तों का पक्ष मजबूत करने लिए मृतकों को अपराधी प्रवृत्ति का बताया था। उन्होंने मौर्य को बर्खास्त करने की भी मांग की।
उधर, लक्ष्मण मेला मैदान ब्रह्मश्री समाज के बैनर तले कई संगठनों ने प्रदर्शन किया। ब्रह्मश्री समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नवीन दुबे ने घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ बसपा विधायक विनय शकर तिवारी, सपा विधायक मनोज पांडेय, विधान परिषद सदस्य अशोक बाजपेई, पूर्व विधायक पवन पांडेय व समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्वेता शुक्ला भी मौजूद थीं।