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GST: किसी को भाया तो किसी ने कहा- और बढ़ेगी महंगाई

Sun, 02 Jul 2017 02:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने के पहले दिन लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया रही। कोई इसे आने वाले समय के लिए बेहतर निर्णय बता रहा है तो कोई चीजों के दाम कम करने के नाम पर आम जनता की जेब काटने की बात कर रहा है। ‘अमर उजाला’ ने शनिवार को जब शहर के लोगों से इस बारे में बात की तो सभी की अलग-अलग राय थी। पेश है एक रिपोर्ट...
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आम लोगों की जेबों पर बढ़ा बोझ
कांग्रेस सरकार ने जब जीएसटी लागू करने की बात कही थी तो उस समय बीजेपी सरकार ने कड़ा विरोध किया था, लेकिन अब खुद भाजपा सरकार ने इसे लागू कर दिया। जीएसटी से आम जनता को कोई भी फायदा नहीं है बल्कि खाने से लेकर कॉस्मेटिक आइटम, साबुन जैसी रोजमर्रा काम आने वाली उपयोगी चीजों को भी महंगा कर दिया गया है। जीएसटी से दामों में बढ़ोतरी हो गई। यह किसी भी तरह आम लोगों के समर्थन में नहीं है। - राजेंद्र प्रसाद व उनका परिवार, गवर्नमेंट सर्विस जानकीपुरम
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एक तरफ योग पर जोर तो दूसरी ओर योगा मैट पर ही बढ़ाया टैक्स
मोदी सरकार एक तरफ तो स्वस्थ रहने के लिए योग पर जोर दे रही है। विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्पोर्ट्स के सामान से लेकर योग मैट तक पर पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत टैक्स कर दिया है। जिन चीजों के लिए 10 से 12 प्रतिशत तक टैक्स देना पड़ता था उन पर सीधे 28 प्रतिशत टैक्स देना पड़ रहा है। जो खाना कल तक 120 रुपये में मिलता था आज उसके लिए 145 रुपये चुकाने पड़े हैं। हो सकता है लांग टर्म में इसके फायदे हों, लेकिन फिलहाल इससे केवल सामान्य लोगों का नुकसान है।  - पुनीत व उनका परिवार, बिजनेसमैन हजरतगंज

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जीएसटी केवल एक राजनीतिक मुद्दा, नहीं कोई फायदा
कांग्रेस के समय से ही जीएसटी को एक राजनीतिक मुद्दे का रूप दिया गया था। आज भी इसे लागू करने के पीछे सरकार की चाल है। इससे लोगों के जीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा और न ही इसका कोई फायदा है। यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा है। बल्कि टैक्सों में बढ़ोतरी कर लोगों को परेशान किया जा रहा है। लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए कुछ चीजें भले ही सस्ती की गई हों। कुल मिलाकर यह आम लोगों के साथ की जा रही साजिश है। - ऋषि सोनकर व उनका परिवार, बिजनेसमैन कैसरबाग
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दामों पर नहीं पड़ा कोई खास असर
जीएसटी लाकर भले ही सरकार महंगाई कम करने का दावा कर रही हो, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं है। कल तक जो सामान जिस रेट का था आज भी लगभग उसी रेट का है। कुछ चीजों के दामों में थोड़ी कमी जरूर हुई है, लेकिन हर रोज की जरूरत के सामान महंगे हुए हैं। टैक्स के  नाम पर आम लोगों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। - नीरज श्रीवास्तव व उनका परिवार, सरकारी कर्मचारी
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देश हित में लिए गए फैसलों का हमेशा स्वागत
जीएसटी ने थोड़ी मुश्किलें बढ़ाई हैं। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए कार अब महंगी होगी। बेबी फूड और बिस्कुट जैसे रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हुई हैं तो जेब पर असर पड़ेगा ही। हालांकि दवाओं के रेट कम होने से जरूर राहत है। एक देश एक टैक्स का फैसला अच्छा है। इसका स्वागत है। इसको सफलता से लागू किया जाए तो बात बने। देश हित में लिए गए फैसले का स्वागत है। - बालक राम, दीप कुमार आनंद, ललिता, मैत्री, अंजलि, श्याम सुंदरी, राजेश कुमार
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दवाइयां सस्ती होने से मिलेगी राहत
इस पर अभी कुछ कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी। हालांकि जो अभी तक जानकारी आई है उसके अनुसार फोन सस्ता हुआ है तो टीवी महंगा हुआ है। फुटवियर के लिए भी जेब ढीली करनी होगी। गाड़ी का सपना भी महंगा हो गया है। दवाइयां सस्ती होने से काफी राहत मिलेगी। हालांकि दैनिक उपयोग की चीजों को टैक्स से दूर रखा गया है। यह अच्छा फैसला है। देश हित में सभी फैसले स्वीकार हैं। - ओम प्रकाश, इंद्रा, अमित, रिद्घिमा सिंह।
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