लखनऊ मं परिवहन व पुलिस विभाग की साठगांठ से लखनऊ-सीतापुर रोड पर 250 से अधिक अवैध वाहन धड़ल्ले से सवारी ढो रहे हैं। यही नहीं, टाटा मैजिक व वैन में आठ सवारी बैठाने की सीट होती है। लेकिन 20-20 सवारियों को ठूंसकर बैठाया जाता है।
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यह अवैध वाहन लखनऊ से सीतापुर तक का एक सवारी से 65 रुपये का किराया वसूलते हैं। जबकि परिवहन निगम की बस का किराया लगभग 100 रुपये है।
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इटौंजा व खैराबाद के निकट बने टोल प्लाजा पर एक-एक अवैध वाहन का ब्योरा सीसीटीवी में सुबह से देर रात तक दर्ज होता है। लेकिन परिवहन व पुलिस के कुछ कर्मचारी हफ्ता खाकर यह अवैध वाहन चलवा रहे हैं।
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यह अवैध वाहन सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर व बाराबंकी के हैं। जिनके पास ठेका गाड़ी का परमिट है, लेकिन परिवहन व पुलिस की छत्र छाया में परिवहन निगम अड्डे की तर्ज पर सवारियां ढो रहे हैं।
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मुख्यमंत्री के निर्देश का जल्द असर दिखाई देगा। अब तक परिवहन अफसर व कर्मचारी सड़क सुरक्षा सप्ताह में व्यस्त थे। यह कार्यक्रम संपन्न हो चुका है। अब अवैध वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने का अभियान चलेगा। - विदिशा सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) लखनऊ क्षेत्र
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अवैध वाहन संचालकों ने मड़ियांव, सिधौली, कमलापुर में अवैध स्टैंड बना रखे हैं। इनमें से कुछ ही अवैध वाहन लखनऊ से डायरेक्ट सीतापुर तक सवारी लेकर जाते हैं। अधिकतर अवैध वाहन लखनऊ से सिधौली व कमलापुर तक सवारी ढोते हैं।
जान जोखिम में डालकर सफर करते हुए
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लखनऊ से जाने वाली सवारियों को सीतापुर के लिए सिधौली व कमलापुर से दूसरे अवैध वाहन मिल जाते हैं। इसी प्रकार जो अवैध वाहन सीतापुर से लखनऊ की सवारी लेकर आते वह कमलापुर व सिधौली में उतार देते हैं। लेकिन सवारी को 65 रुपये ही खर्च करने पड़ते हैं।