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पल भर में उजड़ गई बसी-बसाई गृहस्थी, ...अब मलबे में तलाश रहे जिंदगी, देखें- तस्वीरें

Tue, 13 Oct 2020 12:21 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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धोबीघाट बस्ती में लगी भीषण आग, घर का सामान तलाशते लोग - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ की ऐशबाग धोबीघाट बस्ती में रविवार रात अचानक आग लग गई। आग शाॅर्ट सर्किट से लगी बताई जा रही है। रात करीब डेढ़ बजे भड़की आग ने एक-एक कर 57 झोपड़ियों को अपनी जद में ले लिया। आग की चपेट में आने से झोपड़ियों के साथ कई परिवारों के अरमान भी जलकर राख हो गए। पुलिस व अग्निशमन कर्मियों को आग पर काबू पाने में पांच घंटे मशक्कत करनी पड़ी। 
 
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- फोटो : amar ujala
बाजारखाला के ऐशबाग ईदगाह के पास धोबीघाट है। यहां पर झुग्गी बस्ती में करीब डेढ़ सौ परिवार रहते हैं। रविवार रात खाना खाकर अधिकतर परिवार सोए हुए थे। रात एक बजे शोर मचने लगा। तो लोगों की नींद खुल गई। आग की लपटें देख हर कोई सहम गया। जान बचाने को लोग बच्चों को गोद में उठा कर भागने लगे। महज चंद मिनटों में 57 झोेपड़ियां जल गई।
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- फोटो : amar ujala
इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई थी। प्रभारी निरीक्षक बाजारखाला विजयेंद्र सिंह के मुताबिक, झोपड़ियों में गैस सिलेंडर रखे हुए थे। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। नसीम की चार बकरियां, नूरजहां की बिल्ली व कछुआ जल गया। वहीं पुत्तन का ई-रिक्शा, रिंकू की बाइक सहित एक दर्जन गाड़ियां, 15 साइकिल जलकर राख हो गईं। शबनम के मुताबिक, उसकी बेटी तबस्सुम की शादी 18 अक्तूबर को थी। सारा सामान जल गया।

 

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- फोटो : अमर उजाला
दस गाड़ियों ने पांच घंटे में पाया आग पर काबू
मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय कुमार सिंह के मुताबिक, हादसे की सूचना मिलते ही 10 दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गई थीं। वह खुद मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि कई घरों की छत प्लास्टिक से ढकी थी जिसकी वजह से लपटें तेजी से फैलीं। गैस सिलेंडर और फ्रिज के कम्प्रेशर फटने से राहत कार्य में दिक्कत आई।
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- फोटो : अमर उजाला
गृहस्थी का सामान जलने से दम घुटने वाला धुआं फैल गया था। ऐसे में दमकल कर्मी गैस मास्क लगा कर बस्ती में दाखिल हुए। दस गाड़ियों की मदद से करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद लपटों पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। सीएफओ के मुताबिक, आग किस वजह से लगी अभी इस बारे में स्पष्ट रूप से कुछ कहना संभव नहीं है। हालांकि प्रथम दृष्टया आग शार्ट सर्किट से लगने की बात सामने आ रही है। इसकी जांच कराई जा रही है।

 
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- फोटो : अमर उजाला
15 सिलेंडरों में हुए धमाके
झोपड़ियों में रखे रसोई गैस सिलेंडर आग की चपेट में आते ही गर्म हो गए जिससे एक-एक कर 15 से अधिक धमाके हुए। देर रात को तेज धमाकों के कारण पूरा इलाका दहल गया। आवाज काफी दूर तक गई। लोग धमाके की तरफ भागे। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को हादसा स्थल से दूर किया। इसके बाद राहत कार्य शुरू किया। पुलिस लपटों के बीच लोगों के फंसे होने की आशंका से तलाश कर रही थी।

 
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- फोटो : अमर उजाला
सोमवार तड़के सूरज की पहली किरण के साथ ही झोपड़ी में रहने वाले लोगों ने मलबों में अपने कीमती सामान के सुरक्षित होने की तलाश शुरू की। 57 घराें की महिलाएं व बच्चे राख में जले हुए सामान बटोर रहे थे। सभी के आंख में आंसू थे। हादसे के शिकार परिवारों की मदद के लिए स्थानीय लोग आगे आए। सुबह होते ही लोग बच्चों के दूध, खाने पीने का सामान लेकर पहुंचे। सभी पीड़ितों को खाना खिलाया। इसके बाद उनकी आर्थिक मदद भी की।

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आग - फोटो : अमर उजाला
मौके पर सुबह कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत की। उनको सरकार से जल्द आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश से मोबाइल पर बातचीत कर पीड़ितों का सारा ब्योरा तैयार करने को कहा। जिला प्रशासन के अधिकारी और सदर तहसील के लेखपाल प्रदीप बाजपेयी पहुंचे। उन्होंने सभी पीड़ितों का ब्योरा तैयार किया। किसका कितना नुकसान हुआ है। अधिकारियों को चौखट पर देखकर पीड़ित परिवार की महिलाएं घर से मिले जले हुए नोट और जरूरी दस्तावेज दिखा रहे थे।
 

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आग - फोटो : अमर उजाला
बोले, शरीर के कपड़े ही बचे हैं साहब
आग लगते ही लोग इधर-उधर भागकर अपनी जान बचाने में जुट गये। नसीम, सलीम और अहमद के मुताबिक एक बजे शोर मचने पर उसकी आंख खुली। तो बाहर आग की लपटें देखीं। इसके बाद क्या था साहब महिलाएं बच्चों को अपनी गोद में चिपकाए भाग रही थीं। पुरूष बूढ़े मां-बाप के हाथ पकड़ सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे थे। दिव्यांग की जान बचाने के लिए नसीम व हसीब ने उसे अपनी गोद में उठा लिया। आग की चपेट में आने से कपड़े, खाने पीने का सामान जलकर राख हो गया। सिर्फ शरीर पर जो कपड़े थे वही बचे हैं।
 

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- फोटो : अमर उजाला
साजिशन आग लगाने का लगाया आरोप 
हसीब के मुताबिक यहां पर सभी परिवार कई पीढ़ियों से रहते हैं। जमीन नजूल की है। इसे लेकर काफी विवाद भी हो चुका है। एलडीए से झुग्गी बस्ती वालों का विवाद भी चल रहा है। साजिश रचकर आग लगाई गई है ताकि हम जमीन को खाली कर दें और इस पर बिल्डर अपार्टमेंट बनाकर करोड़ों की कमाई करें। पीड़ितों ने पुलिस से इस मामले की जांच करने की मांग की है।
 

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- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने की मुआवजे की मांग
आग से पीड़ित परिवारों से सोमवार को शहर कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की और सरकार से 15-15 लाख रुपये सहायता देने को मांग की। महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान ने बताया कि चार घरों में जल्द ही शादियां होने वाली थीं और शादी के लिए जरूरी सामान जो रखे थे, वह भी जलकर नष्ट हो गये। उन्होंने मांग की कि घायलों का निशुल्क इलाज कराया जाए और इनके पुनर्वास को यथाशीघ्र घर आवंटित किए जाएं।

 
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- फोटो : अमर उजाला
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया फरंगी महल के प्रतिनिधिमंडल ने मौलाना मुहम्मद मुश्ताक की अगुवाई में सोमवार को ऐशबाग धोबीघाट के आग पीड़ितों से मिलकर उनका हाल जाना। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ितों को फल बांटकर मदद का भरोसा दिया। ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने पीड़ितों के घर बनने तक उनके भोजन की व्यवस्था लंगर ए आदम से करने का एलान किया है। साथ ही पीड़ितों को कपड़े भी बांटे। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. अब्दुल अहमद, मुहम्मद मुश्ताक, अनीस नदवी, अब्दुल लतीफ, अदनान खां, कलीम खां, आसिफ मिर्जा और आसिम मार्शल शामिल रहे।

 
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