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बिक्री पर रोक बेअसरः अस्पतालों व विधान भवन के सामने ही बिक रहा पान-मसाला और सिगरेट, तस्वीरें

Sat, 13 Oct 2018 02:56 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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केजीएमयू - फोटो : अमर उजाला
मुख्य सचिव डॉ अनूप चंद्र पांडेय के आदेश  के बाद लखनऊ में सार्वजनिक स्थानों पर शुक्रवार से पान-मसाला की बिक्री पर रोक लगनी थी लेकिन आदेश बे-असर रहा। केजीएमयू समेत के बड़े सरकारी अस्पतालों में जहां लोगों को धूम्रपान व तंबाकू न खाने के लिए जागरूक किया जाता है वहीं परिसर के चारों तरफ पान-मसाला और सिगरेट की दुकानें सजी हैं। इन दुकानों को हटवाने के लिए कई बार मांग की गई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
 
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विधान भवन - फोटो : अमर उजाला
केजीएमयू में ट्रॉमा सेंटर और शताब्दी अस्पताल के गेट के बीच पान मसाले की स्थायी दुकान है। यहां तीमारदारों के साथ ही चिकित्सक भी पान मसाला और सिगरेट खरीदते और खाते नजर आते हैं। इसी तरह मुख्य गेट और न्यू ओपीडी गेट के आसपास भी पान मसाले की दुकानें हैं। पिछले दिनों चले अभियान के दौरान इन दुकानों को हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन दूसरे दिन ये दुकानें फिर लग गईं। इस संबंध में मीडिया प्रभारी डॉ. संतोष कुमार का कहना है कि परिसर के अंदर बिक्री पूरी तरह से बंद है। परिसर से बाहर के लिए जिला प्रशासन को कई बार चिट्ठी भेजी जा चुकी है। पुलिस से भी शिकायत की गई है।
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सिविल अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
सिविल अस्पताल
अस्पताल के इमरजेंसी गेट के बाहर पान-मसाला की कई दुकानें वर्षो से चल रही हैं। इन्हें हटाने की जहमत अस्पताल प्रशासन नहीं उठाता है। ऐसे में वहां पर पान-मसाले की गुमटियां लगातार बढ़ती जा रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कई दफा उन्हें हटाया गया मगर वे दोबारा काबिज हो गए। 

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विधान भवन - फोटो : अमर उजाला
विधान भवन के आसपास भी सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद धड़ल्ले से बिक रहे हैं। इन्हें रोकने का जिम्मा उठाने वाले ही यहां धुआं उड़ाते दिखते हैं। गेट नंबर पांच के आसपास कई दुकानें लगी हुई हैं। इन्हें अभी तक हटवाया नहीं जा सका है, जबकि इस गेट से उच्चाधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधि भी गुजरते हैं।
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झलकारीबाई अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
गेट के आसपास पान-मसाला की दुकानें अरसे से लगीं हैं। इन दुकानों को हटाने के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई भी पहल नहीं की गई। यहां पर पान मसालों की दुकानों की तादाद बढ़ती जा रही हैं। 
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- फोटो : डेमो
क्या है कोटपा नियम
सरकार की ओर से सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अभियान 2003 (कोटपा) बनाया गया है। इसके तहत निम्न प्रावधान किए गए हैं।
- सार्वजनिक स्थलों पर तंबाकू व इससे जुड़े उत्पाद की बिक्री पर प्रतिबंध है। बिक्री करने और धूम्रपान करने पर 200 रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
- 18 साल से कम उम्र का व्यक्ति कहीं भी सिगरेट व तंबाकू से जुड़ी चीजें नहीं बेच सकता है। ऐसा करते पाये जाने पर 200 रुपये जुर्माना लगेगा। बेचने के लिए विवश करने वालों पर भी इतना ही जुर्माना।
- शिक्षा संस्थानों के 100 गज के घेरे में तंबाकू की बिक्री प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर जुर्माना और रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रावधान है।
- तंबाकू उत्पादों के  प्रचार पर प्रतिबंध है। इसका उल्लंघन करते पाए जाने पर पहली बार एक हजार जुर्माना, दो साल कैद। दूसरी बार पकड़े जाने पर पांच हजार जुर्माना और पांच साल की कैद है। 
- तंबाकू उत्पाद के सभी पैकेट पर तस्वीर के साथ स्वास्थ्य चेतावनी देना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर उत्पादक और निर्माता को पहली बार पांच हजार या दो साल की कैद। दूसरी बार 10 हजार रुपये और पांच साल की कैद। विक्रेता या वितरक को पहली बार एक हजार रुपये और एक साल की कैद। दूसरी बार पकड़े जाने पर तीन हजार जुर्माना और दो साल की कैद का प्रावधान है।
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