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आसमान के जांबाजों ने भरा रोमांच, हरक्युलिस से उतरे गरुड़ कमांडो ने तुरंत संभाला मोर्चा, तस्वीरें

Wed, 25 Oct 2017 12:14 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर भारतीय वायुसेना की सबसे बड़ी ऑपरेशनल एक्सरसाइज देखकर लोग रोमांच से भर उठे। सुबह 10.13 बजे घोषणा हुई कि आगरा एयरफोर्स स्टेशन से एक्सप्रेस-वे के लिए पहुंच रहा चार्ली पूर्व से आ रहा है। दर्शकों ने जैसे ही सिर घुमाया, हवा से बातें करता हुआ देश का सबसे बड़ा मालवाहक विमान हरक्युलिस सी-130 एयर स्ट्रिप पर आया।
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दर्शकों ने तालियां व सीटियां बजाकर चार्ली का स्वागत किया। 19,958‌ किग्रा लोड को ले जाने में सक्षम चार्ली एयर स्ट्रिप पर रुका ओर उससे उतरे गरुड़ कमांडो फोर्स के जवान उतरे और तीन से चार मिनट में ही एयर स्ट्रिप को अपने कब्जे में ले लिया। कुछ देर बाद ही विमान सारे इंजन चालू हो गए। इसके बाद धूल का ऐसा गुबार उठा, जिसके छंटने तक चार्ली आसमान में गुम हो चुका था।
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...और ‘गरुड़’ के निशाने पर दुश्मन
भारतीय वायुसेना के मालवाहक विमान हरक्यूलिस सी-130 ने जैसे ही एयर स्ट्रिप पर लैंडिंग की, विमान से गरुड़ कमांडो फोर्स के जवान उतरे और उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। जवानों ने सधे हुए कदमों में एयर स्ट्रिप के दोनों और टीम बनाकर सुरक्षा की। वहीं जीप से अधिकारियों ने पेट्रोलिंग की। यह जांच-पड़ताल व सिक्योरिटी चेक ऑपरेशनल एक्सरसाइज खत्म होने तक चलता रहा। अंत में गरुड़ फोर्स के जवान ऑपरेशन खत्म होने कर वापस हरक्यूलिस सी-130 से रवाना हो गए।

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लड़ाकू विमान - फोटो : amar ujala
एक्सप्रेस-वे पर करीब तीन घंटे तक वायुसेना के जगुआर, मिराज, सुखोई व हरक्यूलिस सी-130 विमानों ने हाई-वे उतरने का अभ्यास किया। इस दौरान आगरा एक्सप्रेस वे पर लखनऊ, कानपुर, कन्नौज, हरदोई की ओर से ट्रैफिक को पूरी तरह बंद रहा। एक्सप्रेस-वे पर लड़ाकू विमानों को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। एयर ट्रैफिक पर नजर रखने के लिए यहां अस्थायी एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम बनाया गया था। ऑपरेशनल एक्सरसाइज का संयोजन बीकेटी एयरफोर्स स्टेशन के ग्रुप कैप्टन जे. सुआरस ने किया जबकि मध्य एयर कमान मुख्यालय के सीनियर एयर स्टाफ एयर मार्शल एएस बुटोला विमानों की लैंडिंग-टेकऑफ के अवलोकन के लिए पहुंचे थे।
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कारगिल के शूरवीर ने दिखाए करतब
मिराज-2000 (वज्र), ग्वालियर वायुसेना स्टेशन
कारगिल के युद्घ में अहम भूमिका निभाने वाले फाइटर जेट मिराज-2000, जिसे भारतीय वायुसेना में वज्र के नाम से भी जाना जाता है ने एक्सप्रेस-वे पर रफ्तार भर दर्शकों को रोमांच दुगना कर दिया। दो स्क्वैड्रन शामिल थे। तीन विमानों के पायलटों ने टाइगर व क्रॉसबो फॉर्मेशन का प्रदर्शन किया। हालांकि, अधिकतम 2,495 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ने वाले मिराज ने एयर स्ट्रिप को टचडाउन किया और वापस हवा में। एक के बाद एक हुए छह मिराज सुपरसोनिक विमानों ने एक्सप्रेस-वे पर दर्शकों में रोमांच को बढ़ाया। मिराज-2000 ग्वालियर वायुसेना स्टेशन से एक्सप्रेस-वे पर पहुंचे थे। वैसे तो मिराज सिंगल सीटर होता है। पर, ऑपरेशनल एक्सरसाइज में डबल सीटर ट्रेनर वर्जन का इस्तेमाल किया गया।
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मारक क्षमता से डरते हैं दुश्मन
जगुआर, गोरखपुर एयरबेस
सुपरसोनिक फाइटर जेट जगुआर, जो 1,700 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से उड़ता है, जब एयर स्ट्रिप पर आया तो उसने दर्शकों को ध्यान आकर्षित किया। सुबह 11.54 बजे से दोपहर 12.10 बजे तक गोरखपुर एयरबेस से आए जगुआर ने फार्मेशन दिखाए और वाहवाही लूटी। विमान की रेंज 850 किमी होती है और ऊंचाई तक जाने की क्षमता 13,779 मीटर है, जो 4,500 किग्रा वजन तक के हथियार लेकर रफ्तार भरता है। जगुआर के बाद हरक्यूलिस सी-130 ने दोबारा लैंडिंग की और गरुड़ कमांडो फोर्स उससे वापस रवाना हो गए। इसके बाद वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने लैंडिंग व टेकऑफ किया।
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रफ्तार के साथ रोमांच की जुगलबंदी
सुखोई 30, बरेली वायुसेना स्टेशन
लड़ाकू विमानों के टचडाउन का सिलसिला जैसे-जैसे आगे बढ़ा, दर्शकों का रोमांच व उत्साह दुगना होता गया। विमानों को देखने के लिए दर्शकों की लम्बी कतारें एयर स्ट्रिप के किनारे लग गईं। इसी बीच तेज गड़गड़ाहट के साथ बरेली वायुसेना स्टेशन से सुखोई विमानों का जत्था एक्सप्रेस-वे पहुंच गया। पहले तो सुखोई ने आसमान में रफ्तार का परिचय दिया, फिर पायलटों ने बहुत ही सधे ढंग से एक्सप्रेस-वे पर टचडाउन कर दर्शकों का दिल जीत लिया। 2,120 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चलने वाला सुखोई 38,000 किग्रा तक वजन की मिसाइलों व बमों को ढो सकता है। सुखोई की 24 स्क्वैड्रन, जिसे हॉक भी कहा जाता है, ने वैम्पायर फार्मेशन बनाकर दर्शकों की तालियां बटोरीं। इसके बाद तीनों सुखोई ने आसमान दिल का आकार बनाया।
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