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रायबरेली में शुरू हुआ यूपी का पहला एम्स, इलाज कराने के लिए मरीजों का लगा तांता

Mon, 13 Aug 2018 01:46 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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raebareli aiims - फोटो : amar ujala
रायबरेली के दरियापुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की ओपीडी सोमवार सुबह से शुरू हो गई। उत्तर प्रदेश का यह पहला एम्स है, जिसके संचालन से रायबरेली के अलावा अमेठी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, बाराबंकी, फतेहपुर व कानपुर समेत पूरे प्रदेश के लोगों को सहूलियत मिलेगी।
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raebareli aiims - फोटो : amar ujala
एम्स में इलाज से पहले सुबह आठ बजे से ही रजिस्ट्रेशन कराने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लग गई। इसी बीच अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों ने विधि-विधान से पूजा की, फिर 11 बजे से ओपीडी शुरू हुई। चंडीगढ़ पीजीआई से आए अधिकारियों की टीम के मार्गदर्शन में ओपीडी शुरू हुई। एम्स में इलाज कराने के बाद मरीज काफी खुश और संतुष्ट नजर आए।
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raebareli aiims - फोटो : amar ujala
बता दें कि एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व अन्य जांचों के लिए मशीनें लग गई हैं। दवाएं भी आ गई हैं। आठ डॉक्टरों समेत 35 लोगों का स्टाफ यहां पहले ही आ चुका है। जल्दी ही और स्टाफ आने की उम्मीद है।

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मालूम हो कि दरियापुर में एम्स ओपीडी कराने के लिए डॉक्टर व अन्य स्टॉफ की भर्ती का काम पीजीआई, चंडीगढ़ में किया गया। इसके बाद 26 जुलाई से यहां स्टाफ आना शुरू हो गया था।
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ओपीडी शुरू होने से प्रदेश के कई जनपदों के रोगियों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। साथ ही लखनऊ के पीजीआई, केजीएमयू और जिला अस्पताल का भार भी कम होगा।
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मालूम हो कि दरियापुर में एम्स ओपीडी कराने के लिए डॉक्टर व अन्य स्टॉफ की भर्ती का काम पीजीआई, चंडीगढ़ में किया गया। इसके बाद 26 जुलाई से यहां स्टाफ आना शुरू हो गया था।
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एम्स के अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि ट्रायल के तौर पर ओपीडी शुरू हो गई है। अभी कुछ विशेषज्ञ डॉक्टर ही मिलेंगे। इसके बाद अन्य चिकित्सक भी जल्द ही आएंगे। बताते हैं कि 2007 में एम्स की स्वीकृति मिली थी लेकिन जमीन न मिलने से कई साल निर्माण ठप रहा। 2012 में जमीन मिलने के बाद 2013 में सोनिया गांधी ने इसका शिलान्यास किया था।
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