लखनऊ के विभूतिखंड में वेब मॉल के पीछे बेहननपुरवा इलाके में अवैध रिफिलिंग ने एक मासूम की जान ले ली। झोपड़ी के अंदर चाय की दुकान की आड़ में अवैध रसोई गैस रिफिलिंग का धंधा चल रहा था। रविवार की दोपहर चाय बनाने को जल रहे स्टोव से निकली चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते सात-आठ धमाके हुए, आसपास की 25 झोपड़ियां जल गईं और एक झोपड़ी में सो रहा तीन साल का देव उसमें जिंदा जल गया। पुलिस को देर शाम एक और बच्चे के लापता होने की सूचना मिली।
पांच दमकल गाड़ियों को आग बुझाने में करीब दो घंटे लग गए। हादसे से लोग आक्रोशित होकर सड़क पर उतर आए और सड़क जाम कर दी। मासूम के शव को ले जाती पुलिस को स्थानीय लोगों ने घेर लिया और पुलिस वाहन पर हमला कर दिया। वहीं हादसे के बाद से अवैध रिफिलिंग करने वाला धर्मराज फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
इंस्पेक्टर विभूतिखंड बृजेश कुमार राय के मुताबिक, रविवार दोपहर तीन बजे के करीब बेहननपुरवा में एक झोपड़ी में एक-एक कर हुए कई धमाकों के साथ उठीं आग की लपटों ने आसपास की झोपड़ियों को चपेट में ले लिया। तीन साल का देव इन्हीं में से एक झोपड़ी में सो रहा था। आग बुझाने के बाद उसका शव मलबे में मिला। देव का पिता मुकेश दुकान लगाता है और मां माया उर्फ मनीषा चौका बर्तन का काम करती है। जिस वक्त हादसा हुआ, दोनों काम पर गए हुए थे। इंस्पेक्टर के मुताबिक, रिफिलिंग के दौरान गैस लीकेज हुआ और चाय बनाने को जल रहे स्टोव से निकली चिंगारी हादसे का कारण बनी। हादसे के बाद धर्मराज कुछ छोटे सिलिंडर समेट कर फरार हो गया।