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खाने के चक्कर में राष्ट्रगान के लिए खड़े होना भूल गए अफसर, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

Thu, 05 Apr 2018 11:17 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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रैतिक परेड के दौरान राज्यपाल रामनाईक ने पुलिस को अनुशासन और व्यवहार में सुधार का पाठ पढ़ाया, लेकिन कुछ पुलिस कर्मी इसे चंद मिनटों में ही भूल गए। दो घंटे के कार्यक्रम में चार बार राष्ट्रगान हुआ, लेकिन कार्यक्रम के समापन के ठीक पहले राष्ट्रगान की धुन बजने के दौरान जलपान के लिए उतावले पुलिस कर्मी राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े होने की औपचारिकता निभाना भी भूल गए।
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इधर, राष्ट्रगान की धुन बज रही थी, उधर तमाम पुलिस कर्मी नाश्ते का लुत्फ उठा रहे थे। उस समय तो किसी का ध्यान इस तरफ नहीं गया, लेकिन थोड़ी ही देर में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आपको बता दें कि राज्यपाल राम नाईक ने पुलिस वीक 2018 के तहत बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में आयोजित रैतिक परेड की सलामी ली। उन्होंने राष्ट्रपति की ओर से दिए गए वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए दिए गए पुलिस पदक से पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया।
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अपने भाषण में राज्यपाल ने इस परेड की तुलना सेना की परेड से की और कहा कि यह सुखद अनुभव है। सिपाही सरकार का चेहरा होते हैं। थाने स्तर पर लोगों की शिकायतों को ठीक से सुनना चाहिए और उसका समाधान निकालना चाहिए ताकि लोग थानों में बिना झिझक अपनी शिकायतें लेकर आएं। हाल के दिनों में हुए हिंसक आंदोलनों पर राज्यपाल ने कहा कि आंदोलन लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन इसके लिए भी एक लक्ष्मण रेखा तय होनी चाहिए ताकि आमजन को कोई असुविधा न हो।

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उन्होंने इन्वेस्टर्स समिट का जिक्र करते हुए कहा कि निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है, मगर इसमें और सुधार की गुंजाइश बाकी है। पिछले एक साल में 7076 अपराधियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 3563 कुख्यात अपराधी और 1589 इनामी अपराधी हैं। राज्यपाल ने कहा कि अवैध शस्त्रों को समाप्त किया जाना चाहिए। साथ ही वैध शस्त्रों का उपयोग कहां हो रहा है इसका खास ध्यान रखना चाहिए।
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इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। उनके अलावा उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, कानून मंत्री बृजेश पाठक, मुख्य सचिव राजीव कुमार, प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, डीजीपी ओमप्रकाश सिंह समेत पुलिस विभाग के तमाम अफसर थे।
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