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लखनऊ: कोरोना काल में बढ़ी कब्रिस्तान में दफन होने वालों की तादात, कब्र खोदाई का रेट भी बढ़ाया गया

Tue, 13 Apr 2021 01:30 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : अमर उजाला
कोरोना काल में कब्रिस्तान में दफन होने के लिए आने वाली मय्यतों की संख्या भी बढ़ गई है। शहर के सबसे बड़े ऐशबाग कब्रिस्तान में ही बीते 12 दिनों में 210 मय्यतों को दफनाया गया है। ऐशबाग कब्रिस्तान के जिम्मेदार हाफिज मतीन बताते हैं कि इनमें 14 शव संक्रमित थे। संक्रमित शव दफनाने के लिए कब्रिस्तान में अलग जगह बनाई गई है। साथ ही गड्ढा भी गहरा खुदवाया जा रहा है।
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कब्रिस्तान - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि रोजाना 25 से 30 शव आ रहे हैं। उधर, हैदरगंज स्थित सुप्पा कब्रिस्तान में रोजाना 10 से 12 मय्यत दफन होने आ रही हैं। हालांकि अभी तक कोई संक्रमित शव नहीं आया है। हाफिज सलीमुद्दीन का कहना है कि सामान्य दिनों में यहां रोजाना 2 से 3 मय्यतें ही आती हैं, लेकिन बीते चार दिनों में 40 मय्यतें आ चुकी है।
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इसी तरह निशातगंज कब्रिस्तान में एक अप्रैल से अब तक 23 मय्यत दफन हुई हैं। हाफिज मंजूर आलम ने बताया कि सामान्य दिनों में एक महीने 10 से 12 शव आते थे। डालीगंज कब्रिस्तान में बीते 12 दिनों में 41 मय्यत दफनाई गईं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर
सामान्य दिनों में इनकी संख्या एक महीने में 10 से 12 रहती है
कब्रिस्तान के इंचार्ज उस्मान अली शाह ने बताया कि सामान्य दिनों में एक माह में 20 से 25 मय्यतें आती हैं, लेकिन अभी इनकी संख्या दोगुने से ज्यादा हो गई है। खदरा कब्रिस्तान के जिम्मेदार मोहम्मद रिजवान सैफी ने बताया कि एक अप्रैल से अब तक 29 शव दफनाए गए हैं, जबकि सामान्य दिनों में इनकी संख्या एक महीने में 10 से 12 रहती है। मय्यतों की संख्या बढ़ने से सभी कब्रिस्तान में कब्र खोजने वाले मजदूर भी बढ़ाने पड़ रहे हैं। मजदूर आसानी से मिल जाएं, इसके लिए खुदाई का रेट भी बढ़ा दिया गया है।
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- फोटो : अमर उजाला
डालीगंज कब्रिस्तान के इंचार्ज उस्मान अली शाह ने बताया कि कब्र खुदाई का रेट 500 से बढ़कर 800 रुपये किया गया है। वहीं खदरा कब्रिस्तान के मोहम्मद रिजवान ने बताया कि कमेटी अभी भी 300 रुपये की रसीद काट रही है, लेकिन मजदूर अधिक पैसा मांग रहे हैं।
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