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करवा चौथ व्रत: इस बार पहले करवा चौथ का व्रत नहीं रख सकेंगी नई बहुएं, करना पड़ेगा इंतजार

Tue, 23 Oct 2018 02:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : डेमो
अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु-मंगलकामना को सुहागिनें शनिवार 27 अक्तूबर को करक चतुर्थी करवाचौथ का व्रत रखेंगी। हालांकि शुक्र के अस्त होने से पहली बार करवाचौथ करने जा रहीं विवाहिता इस बार व्रत नहीं रख सकेंगी। शुक्रास्त के चलते पहला करवाचौथ व्रत रखने जा रही सुहागिनें अब तीसरे साल ही व्रत कर सकेंगी। ज्योतिषियों के मुताबिक चंद्रोदय भले ही शाम 7:46 बजे से होगा, लेकिन चतुर्थी तिथि का मान कुछ देर बाद ही मिलेगा। ऐसे में 27 की रात 8 बजे के बाद से करवाचौथ का चंद्र अर्घ्य देना श्रेयस्कर रहेगा। 
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- फोटो : डेमो
7.46 बजे के बाद होगा चंद्रोदय
गोमतीनगर निवासी आचार्य प्रदीप ने बताया  कि स्थानीय समयानुसार शाम 7:46 बजे के बाद चंद्रोदय होने के चलते सुहागिनें उगते चंद्र को अर्घ्य देकर सुहाग की दीर्घायु की मंगलकामना करेंगी। चूंकि 27 की शाम चतुर्थी 7:59 बजे से लगेगी। 
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- फोटो : डेमो
चतुर्थी अगले दिन तो मिलेगी, लेकिन उस दिन चतुर्थी में चंद्रमा नहीं मिलेगा। चूंकि करवाचौथ पर चतुर्थी का चंद्रमा ही पूजा जाता है, ऐसे में शनिवार को करवाचौथ का व्रत पूजन करना श्रेयस्कर रहेगा। लखनऊ में 7:46 बजे के बाद से चंद्रोदय होना शुरू होगा। पूरा चांद निकलने में कुछ और समय लगेगा।

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डेमो - फोटो : डेमो
एक घड़ी के भीतर करेंग पूजन 
चंद्रोदय के एक घड़ी (24 मिनट) के भीतर ही चंद्र को अर्घ्य देकर गौरी गणेश का पूजन कर चौथ माई के व्रत का पारण कर लेना चाहिए। करवाचौथ के पूजन में धातु के करवे का पूजन श्रेष्ठ माना गया है। यथास्थिति अनुपलब्धता में मिट्टी के करवे से भी पूजन का विधान है।
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- फोटो : डेमो
इसके साथ ठंड भी बढ़ने लगेगी। गांव-देहातों में मान्यता है कि करवे की टोटी से ही जाड़ा निकलता है और धीरे-धीरे वातावरण में ठंड का अहसास बढ़ जाता है।
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