वैसे तो लखनऊ का दशहरी आम अपनी मिठास के लिए दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन इसी मीठे आम ने नेहरू और पटेल के बीच खटास बढ़ा दी थी।
विज्ञापन
2 of 5
राम मनोहर लोहिया
- फोटो : डेमो
बात 1949 की है जब नेपाल में राणाशाही के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए डॉ राममनोहर लोहिया गिरफ्तार हो गए। उनके साथ राजेंद्र सच्चर भी थे। सच्चर उस समय युवजन सभा में थे। देश के गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल थे।
विज्ञापन
3 of 5
डेमो
- फोटो : डेमो
समाजवादी चिंतक सभा के अध्यक्ष दीपक मिश्र बताते हैं कि उन्हें एक बार राजेंद्र सच्चर ने ही बताया था। डॉ लोहिया के साथ हम लोग जेल में थे। एक दिन नेहरू जी की तरफ से आम की कुछ टोकरियां जेल में डॉ लोहिया के पास आई।
4 of 5
डेमो
- फोटो : डेमो
उनके साथ एक पर्ची भी थी। जिस पर लिखा था प्रिय लोहिया ! यह आपके और आपके साथियों के लिए। यह जानकारी जब पटेल को मिली तो उन्होंने आपत्ति की । बकौल सच्चर, पटेल इतना नाराज थे कि कैबिनेट बैठक में पहुंचे तो उन्होंने यही मुद्दा उठा दिया। कहा आप प्रधानमंत्री है। अगर उनके साथ ऐसा व्यवहार करेंगे। तो संदेश गलत जाएंगे।
नेहरू जी बोले, डॉ लोहिया राणाशाही का विरोध करते हुए जेल गए हैं। वह कोई अपराध नहीं है। उनसे मेरे निजी रिश्ते हैं। वह हम लोगों से कम देशभक्त भी नहीं हैं। मैं तो गिरफ्तारी भी नहीं चाहता था। उनकी लड़ाई वैचारिक है। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है।