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भोजपुरी फिल्मों को कोई परिवार के साथ नहीं देख सकताः नीतू चंद्रा

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बिहार विधानसभा चुनावों के परिणाम तो आठ नवंबर को आएंगे लेकिन उसके पहले एक फिल्म देश भर में बिहार की सकारात्मक छवि को प्रस्तुत करेगी। 30 अक्तूबर को प्रदर्शित होने वाली ‘वन्स अपान ए टाइम इन बिहार’ नामक फिल्म के बारे में दावा किया गया है कि अमूमन फिल्मों में दिखाई जाने वाली बिहार की नकारात्मक छवि से अलग इसमें बिहार की सच्ची तस्वीर है। यह युवाओं के नजरिए से बिहार को देखने की कोशिश है।
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भोजपुरी फिल्मों को कोई परिवार के साथ नहीं देख सकताः नीतू चंद्रा

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‘गरम मसाला’, ‘ट्रैफिक सिग्नल’ और ‘ओए लक्की लक्की ओए’ जैसी फिल्मों की अभिनेत्री नीतू चन्द्रा ने रविवार को पत्र-प्रतिनिधियों से कहा कि देश के दूसरे हिस्सों में यूपी-बिहार की एक नकारात्मक छवि बनी हुई है।
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भोजपुरी फिल्मों को कोई परिवार के साथ नहीं देख सकताः नीतू चंद्रा

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बिहार पर आधारित फिल्मों में भी अपराध को प्रमुखता से दिखाया जाता है। फिल्म का निर्देशन नीतू चन्द्रा के भाई नितिन नीर चन्द्रा ने किया है। भाई बहन ने फिल्म के निर्माण के लिए चम्पारण टाकिज नामक प्रोडक्शन हाउस बनाया है।

भोजपुरी फिल्मों को कोई परिवार के साथ नहीं देख सकताः नीतू चंद्रा

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नीतू चन्द्रा ने कहा, मैं बिहार में जन्मीं हूं और मेरी कोशिश है कि बिहार की एक अच्छी छवि लोगों के मन में रहे। मेरी चेतन भगत से तब बहस हो गई थी जब उन्होंने डुमरांव को पिछड़ा हुआ प्रस्तुत किया था। कहा कि आज सार्थक और गंभीर सिनेमा के बीच एक सेतु बना है। मेरी कोशिश भी ऐसी ही फिल्म की है।
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भोजपुरी फिल्मों को कोई परिवार के साथ नहीं देख सकताः नीतू चंद्रा

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नीतू चन्द्रा कहती हैं कि मेरी मातृभाषा भोजपुरी है लेकिन मैंने किसी भोजपुरी फिल्म में काम नहीं किया है। मैं भोजपुरी फिल्मों को देखकर शर्मसार होती हूं। ऐसी भोजपुरी फिल्में बनती हैं जिन्हें कोई अपने परिवार के साथ नहीं देख सकता।
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भोजपुरी फिल्मों को कोई परिवार के साथ नहीं देख सकताः नीतू चंद्रा

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लखनऊ में अभिनेत्री नीतू चंद्रा ने महिला हेल्पलाइन 1090 पहुंचकर वहां की कार्यप्रणाली को भी समझा।
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