अपनी फिल्म के प्रचार के लिए राजधानी लखनऊ आए नवाजुद्दीन सिद्दिकी उस आग्रह को टाल न सके, जब उन्हें भारतेंदु नाट्य अकादमी आने को कहा गया। दिन भर के अति व्यस्त कार्यक्रमों के बीच वे अपनी टीम के साथ बीएनए पहुंचे। वहां उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उसके बाद सीधे बीएनए विद्यार्थियों से रूबरू हुए।
तमाम औपचारिकताओं के बीच कुछ पल संवाद के मिले तो उन्होंने बताया कि उस वक्त छन्नी लाल चौराहे के पास बीएनए हुआ करता था। हम कहीं भी रहें, पर क्लास बंक करने से कभी बाज नहीं आते थे।
सफलता के शिखर पर पहुंच कर भी विनम्रता से भरे नवाज ने कहा कि मेरा चेहरा कोई हीरो जैसा तो था नहीं, एक सामान्य सा दिखने वाला लड़का, अपने दोस्तों के कहने पर अभिनय करने लगा। मैं मानता हूं कि मुझे तो मेरे दोस्तों ने हीरो बना दिया।