ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को यहां नदवा कॉलेज में हुई बोर्ड की कार्यकारिणी की बैठक में कहा गया कि मोदी सरकार सूर्य नमस्कार, गीता व योग को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की कोशिश कर रही है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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स्कूलों में योग, सूर्य नमस्कार व गीता स्वीकार्य नहीं: पर्सनल लॉ
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हर स्तर पर इसका विरोध किया जाएगा। घर वापसी का अभियान चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही इसे मुसलमानों की धार्मिक आजादी के लिए खतरा करार दिया गया। यह भी फैसला किया गया कि इस तरह के अभियानों का हर स्तर पर जवाब दिया जाए।(बैठक से बाहर आते अब्दुल रहीम कुरैशी)
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स्कूलों में योग, सूर्य नमस्कार व गीता स्वीकार्य नहीं: पर्सनल लॉ
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बैठक में पिछले कुछ दिनों से न्यायालयों से शरीयत कानून के खिलाफ आ रहे फैसलों पर चिंता जताई गई।(मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली व जफर जिलानी।)
स्कूलों में योग, सूर्य नमस्कार व गीता स्वीकार्य नहीं: पर्सनल लॉ
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बोर्ड के कार्यकारिणी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बताया कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसनी नदवी की अध्यक्षता में बोर्ड कार्यकारिणी ने केंद्र सरकार के एक साल के कार्यकाल में मुसलमानों के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के रुख पर चर्चा की गई।
स्कूलों में योग, सूर्य नमस्कार व गीता स्वीकार्य नहीं: पर्सनल लॉ
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सभी ने कहा कि सरकार के कुछ कदम मुसलमानों को आशंका में डाल रहे हैं। स्कूलों के पाठ्यक्रम में सूर्य नमस्कार,गीता व योग को शामिल करने की कोशिश ठीक नहीं है। स्कूलों में सभी धर्मों के बच्चे आते हैं। इसलिए किसी एक धर्म के धार्मिक ग्रंथ को दूसरे धर्म के बच्चे पर जबरन थोपना गलत है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।