केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी से लखनऊ में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से अल्पसंख्यकों के सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक उत्थान को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यूपी में अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
विज्ञापन
2 of 5
उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल में केंद्र ने जितना पैसा दिया उससे तो अल्पसंख्यक बेरोजगार और अशिक्षित नहीं रहने चाहिए थे लेकिन पैसे का सही उपयोग नहीं हुआ।
विज्ञापन
3 of 5
उन्होंने बताया कि यूपी के प्रत्येक जिले में अल्पसंख्यकों के लिए चलाई गई योजनाओं की हकीकत परखी जाएगी। पिछले तीन साल में मल्टी सेक्टोरल डवलपमेंट प्रोग्राम के तहत केंद्र ने 15 हजार करोड़ रुपये प्रदेश सरकार को दिए हैं। इन पैसों से जिलों में कितना काम हुआ है, इसकी हकीकत परखी जाएगी। प्रदेश के मंत्री से लेकर अफसर तक जिलों में जाकर योजनाओं का हाल लेंगे। वे खुद भी जिलों में जाकर योजनाओं की जांच करेंगे।
4 of 5
नकवी ने बताया कि सूबे के 15 हजार मदरसे ऐसे हैं जिनमें आधुनिक व मुख्य शिक्षा भी दी जाती है। इन मदरसों में अगले छह महीने के भीतर शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। इन मदरसों में बच्चों को मिड-डे-मील भी दिया जाएगा।
नकवी ने कहा कि सूबे में 20 से अधिक कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें अल्पसंख्यक युवाओं को ड्राइविंग, हाउस कीपिंग, भवन निर्माण सहित कई हुनर सिखाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यक छात्राओं के लिए बेगम हजरत महल स्कॉलरशिप योजना चला रही है। इसके तहत सूबे में 28 हजार छात्राओं को 38 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति दी गई है। नई रोशनी योजना के तहत भी 1.06 लाख अभ्यर्थियों को लाभ दिया जा चुका है।