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इस कलयुगी मां की करतूत सुन उड़ जाएंगे आपके होश, बेटे संग तो कोई भी नहीं करेगा ऐसा सुलूक

Mon, 26 Mar 2018 03:46 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मां की गोद में ओम और गिरफ्त में पडोसी आशुतोष - फोटो : अमर उजाला
अपने स्वार्थ में एक मां इस कदर अंधी हो गई कि जिगर के टुकड़े को 60 हजार रुपये में बेच दिया। उसके इस काम में मददगार बना उसका पड़ोसी। भाई की याद में उसकी पांच साल की बच्ची घुट-घुट कर मर गई। बेटी की मौत के बाद उसका जमीर जागा और उसने बेटे को बेचे जाने की बात स्वीकार की। उसे पड़ोसी संग गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बच्चे को बिकवाने में मददगार बनी एक अन्य महिला को पुलिस तलाश रही है। 
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मां की गोद में ओम - फोटो : amar ujala
इंस्पेक्टर सुजीत कुमार दुबे ने बताया कि बाजारखाला के मोहल्ला पुराना हैदरगंज में अनिल उर्फ अजय गुप्ता अपनी दूसरी पत्नी पायल, बेटी मेघा (5) और सात माह के बेटे ओम के साथ रहता था। वह एक निजी बैंक में चपरासी था,लेकिन बीमारी के चलते उसकी नौकरी छूट गई। इसके बाद अजय घर पर बच्चों की देखभाल व छोटे-मोटे काम करता और पायल आसपास के घरों में काम करके घर का खर्च चलाती थी। 
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- फोटो : डेमो
 वह दुधमुंहे ओम को अक्सर राजाजीपुरम में अपनी मां के पास छोड़ आती थी और काम से लौटते वक्त लेती आती थी। 18 मार्च को वह खाली हाथ घर लौटी। इसके बाद तीन दिन तक बेटे को न लाने पर अजय ने पूछताछ की। पायल ने झगड़ने के साथ उस पर बेटे को गायब करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया। 

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डेमो - फोटो : अमर उजाला
अनिल का कहना है कि पांच साल की मेघा अपने छोटे भाई की देखभाल करती थी। ओम से बिछड़ने पर वह रोती रहती थी। इसके चलते बीमार पड़ गई। बच्ची की हालत देखकर अनिल ने पायल पर बच्चे को गायब करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को पुलिस से शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने दोनों के आरोपों की जांच के लिए छानबीन शुरू की तब पायल का सच सामने आया। 
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डेमो
भाई को याद करते-करते मासूम मेघा को बृहस्पतिवार को तेज बुखार चढ़ा। तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां शुक्रवार रात उसकी मौत हो गई। नातिन की मौत की खबर मिली तो पायल की मां गीता अपनी एक दूसरी बेटी के साथ आई। ओम के बारे में पूछा, कोई जवाब न मिलने पर पायल को फटकारा, चांटा जड़ा, तब उसने बेचे जाने की बात बताई। कुबूल किया कि पड़ोसी आशुतोष उर्फ अंशु गुप्ता और उसकी बहन रुचि की मदद से दुधमुंहे बेटे को फतेहपुर के किशन बाबू को 60 हजार रुपये में बेचा था। 
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गिरफ्त में पड़ोसी आशुतोष - फोटो : amar ujala
इंस्पेक्टर ने बताया कि गुत्थी सुलझाने के लिए एसआई अमित सिंह, मनीष वर्मा और महिला एसआई गुरप्रीत कौर, महिला कांस्टेबल सुधा की टीम ने पायल व आशुतोष को हिरासत में लेकर पूछताछ की। टीम ने फतेहपुर निवासी किशन बाबू को भी फोन किया। किशन व उनकी पत्नी खरीदे बच्चे को लेकर थाने पहुंचे। बताया कि पायल ने कचहरी में गोदनामा की लिखा-पढ़ी कर बच्चा सौंपा था। पुलिस ने अनिल को उसका बच्चा वापस दिलाया और परिवारीजनों की मदद से सही तरीके से परवरिश की हिदायत दी है।  
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गिरफ्त में पड़ोसी आशुतोष - फोटो : amar ujala
पड़ताल में खुलासा हुआ कि पायल ने स्टांप पर लिखा-पढ़ी में अनिल गुप्ता का फोटो लगाया था और आशुतोष ने उसके जाली दस्तखत बनाए थे। मुकदमे में जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने व अन्य धारा बढ़ाकर दोनों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजा है। 
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डेमो
अनिल ने पुलिस को बताया कि वर्ष 1995 में सआदतगंज की संध्या से उसकी शादी हुई थी। कुछ समय बाद अनबन होने पर वह मायके चली गई और बीमारी के चलते उसकी मौत हो गई। अपनी मामी की मध्यस्थता पर अनिल ने छह-सात साल पहले पायल से शादी की थी। चंचल स्वभाव की पायल अपने पहले पति से नाता तोड़ चुकी थी। बताया कि पायल के पिता ने भी अपनी पत्नी को तीन बेटियों समेत छोड़ा था। 
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