खास बात यह है कि शताब्दी और तेजस एक्सप्रेस दोनों ही चेयरकार ट्रेन हैं। तेजस जहां लखनऊ जंक्शन से सुबह छह बजे के आसपास रवाना होती है, वहीं शताब्दी एक्सप्रेस दोपहर 3.30 बजे जंक्शन से चलती है। खास बात यह है कि दोनों ही ट्रेनों को यात्री नसीब नहीं हो रहे हैं। ट्रेन में आधी से ज्यादा सीटें खाली रहती हैं। तेजस में यात्रियों को 10 लाख रुपये का मुफ्त बीमा भी दिया जाता है। इसके अलावा सेवा सत्कार से लेकर खानपान तक की बेहतर व्यवस्था रहती है। हालांकि, आईआरसीटीसी व रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, त्योहार में चेयरकार की हालत बदल जाएगी और यात्रियों की संख्या बढ़ने से सीटें फुल रहेंगी। यात्रियों की संख्या ऐसे ही बनी रही तो ट्रेन संचालन का खर्च निकलना भी मुश्किल हो जाएगा। इतना ही नहीं संचालन स्थगित करने की नौबत आ सकती है।