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बंदरों ने कर दी महिला की ये हालत, अब अस्पताल में भर्ती, तस्वीरें

Fri, 16 Sep 2016 09:27 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ के हजरतगंज के गोमती बैराज पर बृहस्पतिवार रात साइकिल से लौट रहे मां-बेटों को बंदरों के झुंड ने दौड़ा लिया। महिला बचने के लिए बैराज की जाली खोलकर अंदर घुसी तो वह गोमती में गिर गई। बेटे ने यह देख छलांग लगा दी।
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इसी बीच जानकारी पाकर समतामूलक चौराहे पर तैनात ट्रैफिक दरोगा व नागरिक पुलिस का दीवान दौड़ा। दोनों ने दिलेरी दिखाते हुए आनन फानन में रस्सा मंगवाकर मां-बेटों को सकुशल बाहर निकाल लिया। लोगों ने ट्रैफिक दरोगा-नागरिक पुलिस की बहादुरी की तारीफ की।
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पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से असम निवासी अशरूद्दीन परिवार संग गोमती नगर के भीखमपुर में झोपड़ी बनाकर रहता है। उसकी पत्नी  अदुरा बेगम (40) अपने बेटे साकिब (15) संग बृहस्पतिवार रात मजदूरी करके साइकिल से घर लौट रहे थे। (माजरा देखने के लिए आसपास भीड़ लग गई।)

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गोमती बैराज पास बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। यह देख मां-बेटे रोड पर साइकिल से कूदकर बैराज गेट खोलकर अंदर घुस गए। इसी बीच महिला का संतुलन बिगड़ा और वह गोमती में जा गिरी। महिला को बचाने के लिए बेटे ने भी छलांग लगा दी। इससे वहां पर हड़कंप मच गया। लोगों की वहां भारी भीड़ जुट गई। (महिला व उसके बेटे को बाहर निकालते लोग।)
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पूरा ट्रैफिक वहां रेंगने लगा। जानकारी पाकर समतामूलक चौराहे पर तैनात ट्रैफिक दरोगा प्रमोद कुमार तिवारी व वेब चौकी में तैनात दीवान वीरेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर बितर किया। (महिला व उसके बेटे को बाहर निकालते लोग।)
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आनन फानन में रस्सा मंगाकर महिला की कमर में बांधकर उसे सकुशल बाहर निकाल लिया। सहमी महिला को लोहिया अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार बाद उसे वापस कर दिया गया।
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वहीं, लोगों ने ट्रैफिक दरोगा-दीवान की बहादुरी की तारीफ की। ट्रैफिक दरोगा ने बताया गनीमत रही जहां मां-बेटे गोमती में गिरे थे वहां पानी कम था। वहीं लोगों ने महिला द्वारा खुदकुशी के लिए कूदे जाने की बात कही।

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बैराज पर लगता है बंदरों का जमावड़ा
गोमती बैराज पर रोजाना बंदरों का जमावड़ा लगता है। यह बंदर आए दिन राहगीरों पर झपटकर उन्हें नोंच लेते हैं। कई दफा बंदरों का झुंड अचानक रोड पर आने से कई बाइक सवार गिरकर जख्मी हो चुके हैं।

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लोगों ने बताया बैराज में बैठने वाले बंदर अक्सर लोगों को काटकर जख्मी करते हैं। दो दिन पहले ही एक बंदर ने लंच पैकेट लेकर जा रहे युवक से पैकेट छीनने की कोशिश की। युवक भागा तो उसने नोंच लिया। जख्मी युवक वहां से जान बचाकर भाग निकला।

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बैराज पर खुले रहते गेट
गोमती बैराज पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वजह साफ है गोमती बैराज के सभी गेट कर्मचारियों की लापरवाही से खुले रहते हैं। ऐसे में लोग गेट खोलकर अंदर पहुंच जाते हैं।

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पुलिस ने बताया कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए है कि कोई भी गेट खुला मिला तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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