फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब तक है जान का 'शाहरुख' बन बैठा ये जाबाज़!

Sun, 20 Jul 2014 10:11 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 10
ये तस्वीर लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक की है।

विज्ञापन

जब तक है जान का 'शाहरुख' बन बैठा ये जाबाज़!

2 of 10
एक सुरक्षाकर्मी लावारिस बैग की जांच कर रहा है।
विज्ञापन

जब तक है जान का 'शाहरुख' बन बैठा ये जाबाज़!

3 of 10
आपको बता दें कि पुलिस को प्लेटफॉर्म पर एक लावारिस बैग होने की सूचना मिली।

जब तक है जान का 'शाहरुख' बन बैठा ये जाबाज़!

4 of 10
जिसके बाद आनन फानन पुलिस और बम डिफ्यूजल स्क्वाड के लोगों को बुलाया गया।
विज्ञापन

जब तक है जान का 'शाहरुख' बन बैठा ये जाबाज़!

5 of 10
कर्मियों ने ठीक तरह से जांच की। खुशी की बात ये थी कि इसमें विस्फोटक नहीं था।
विज्ञापन

जब तक है जान का 'शाहरुख' बन बैठा ये जाबाज़!

6 of 10
पुलिस जवा‌न हरपल सतर्क थे...

विज्ञापन

जब तक है जान का 'शाहरुख' बन बैठा ये जाबाज़!

7 of 10
आपको बता दें कि यह कोई आतंकी वारदात नहीं थी ब‌ल्कि अक्सर की जाने वाली मॉक ड्रिल का हिस्सा था।

जब तक है जान का 'शाहरुख' बन बैठा ये जाबाज़!

8 of 10
मॉक ड्रिल एक टेस्ट होता है, जो विभाग द्वारा ही किया जाता है, जिससे पता चल सके कि आपात स्थिति आने पर सुरक्षा के लिए कितनी सतर्कता है।

जब तक है जान का 'शाहरुख' बन बैठा ये जाबाज़!

9 of 10
इसमें वह पूरी प्रक्रिया की जाती है। जिससे विभाग की सक्रियता का पता चल सके।

विज्ञापन

जब तक है जान का 'शाहरुख' बन बैठा ये जाबाज़!

10 of 10
उल्लेखनीय है कि चारबाग एक संवेदनशील स्‍थान है, जिसकी सुरक्षा के बेहतर प्रबंध किये गए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें