वहीं, कर्नाटक में जिस तरह सपा मुखिया अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती साथ-साथ गर्मजोशी से साथ-साथ नजर आए थे, उससे उम्मीद जताई जा रही थी कि मायावती 28 मई को कैराना लोकसभा व नूरपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले अपने समर्थकों को भाजपा विरोधी दलों के प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान का एलान कर देंगी। लेकिन मायावती ने पुराना स्टैंड कायम रखते हुए इस संबंध में कुछ नहीं कहा।