बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ के कांशीराम स्मारक स्थल पर बृहस्पतिवार को महारैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सपा-कांग्रेस और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस रैली ने पहले हुई सभी रैलियों को पीछे छोड़ दिया। रैली में आए लोगों को भाड़े पर नहीं लाया गया है। ये लोग अपने आप आए हैं। अपने खून-पसीने की कमाई खर्च करके आए हैं।
इस दौरान उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आपको मालूम है कि कांशीराम जी के सम्मान में बने इस स्थल के कुछ हिस्सों की मरम्मत ना होने से लोग अपने पुष्प कांशीराम जी को अर्पित नहीं कर पा रहे थे। आज आपने भीड़ के मामले अपना खुद का सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए कांशीराम जी को श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे जिसकी पार्टी आभारी है। हम राज्य सरकार के आभारी हैं क्योंकि यहां आए लोगों के टिकट का पैसा पूर्व की सपा सरकार की तरह दबा के रखने की जगह बसपा पार्टी के कहने पर यहां मरम्मत के लिए खर्च किया है।
उन्होंने कहा कि ये हमने व्यवस्था की थी के यहां आए लोगों के टिकट से मिला पैसा यहां रख रखाव पर खर्च किया जाएगा। सपा ने ये पूरा पैसा दबा के रखा, बाकी स्थलों, पार्कों की हालत खराब हो गई थी, तब मैंने यूपी के सीएम को लिखा, चिट्ठी लिखी कि भले ही दूसरी मद का पैसा यहां ना लगाओ लेकिन टिकट का जो पैसा जमा है उससे मरम्मत करवाओ। फिर भाजपा सरकार ने मुझे वादा किया के हम टिकट का पैसा मरम्मत में लगवाएंगे। सपा ने यहां का पैसा दबाया, मरम्मत नहीं कराई और कांशीराम जी के सम्मान में संगोष्ठी की बात कर रहे लेकिन जब वो सरकार में रहते हैं तो ना पीडीए याद आता है, ना कांशीराम जी।
सपा मुखिया अखिलेश यादव जी से पूछना चाहती हूं के कांशीराम जी का इतना सम्मान था तो उनके नाम पर रखे कासगंज का जिले का नाम उन्होंने क्यों बदल दिया? उनके नाम पर चल रही सारी योजना बंद करना इनका दोगला चरित्र है या क्या है। सत्ता में रहते इन्हें पीडीए याद नहीं आता ऐसे दोगले लोगों से आपको बहुत सावधान रहने की जरूरत है।