बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रधानमंत्री मोदी के भाजपा पदाधिकारियों से हिसाब सार्वजनिक करने की अपील पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मोदी नोटबंदी पर बन रहे जनदबाव से लोगों का ध्यान बंटाने के लिए भाजपा विधायकों व सांसदों से आठ नवंबर के बाद का हिसाब मांग रहे हैं।
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मायावती ने कहा कि अगर हिसाब देना ही है तो पिछले एक साल का हिसाब सार्वजनिक किया जाए। इस तरह की नाटकबाजी पीएम न करें।
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मायावती ने कहा कि पिछले एक साल में भाजपा नेताओं के कई जगहों पर जमीनें खरीदने, सम्पत्ति खरीदने व बैंकों में काला धन जमा करने के मामले पता चले हैं। ऐसे में आठ नवंबर के पहले का हिसाब किताब ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है।
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माया ने कहा कि नोटबंदी के पहले ही भाजपाइयों ने अपने कालेधन को ठिकाने लगा दिया है और अब नाटकबाजी कर रहे हैं।