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यूपी में सपा-बसपा के गठबंधन से पहले कभी ऐसी थीं बुआ-भतीजे की तल्खियां

Sun, 13 Jan 2019 08:32 PM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रेस कांफ्रेंस में बसपा सुप्रीमो मायावती का स्वागत करते सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने शनिवार को गठबंधन का एलान किया, बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि ये गठबंधन सिर्फ 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए नहीं है, बल्कि ये लंबा चलेगा और स्थाई है। दोनों दलों ने कहा कि वे लोकसभा में यूपी की 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। रायबरेली और अमेठी सीट कांग्रेस के लिए छोड़ी गई है और बाकी दो सीटें सहयोगी पार्टियों के लिए। क्या आप जानते हैं, कि इस गठबंधन से पहले तक अखिलेश और मायावती के बीच कैसी तल्खियां थीं। 
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अखिलेश यादव
नौ साल गुजर गए, मगर (पार्क में) खड़े हाथी खड़े हैं और बैठे हाथी बैठे हैं, पहुंचे कहीं नहीं। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने यूपी को बर्बाद किया है।
-अखिलेश यादव, 26 मई 2016, भदोही में
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
मुस्लिम भाई जानते हैं कि समाजवादी पार्टी उनके कितने करीब है....हम लोग भूले नहीं हैं अभी...वह रक्षाबंधन वाला त्योहार कोई नहीं भूला है कि किसने किसको राखी बांधी थी.... वह गुजरात वाली बातें नहीं भूले हैं कि कौन जाकर किसके लिए वोट मांगकर आया था
-अखिलेश यादव, 10 अक्टूबर 2016, लखनऊ

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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
लोग (मायावती के लिए) योजनाओं की नहीं नकदी की बात कर रहे हैं। पहले जन्मदिन के मौके पर वसूली होती थी। मैं तो उन्हें सम्मान से बुआ कहता था, लेकिन उन्हें इस पर एतराज था तो मैंने उन्हें बुआ कहना छोड़ दिया है।
-अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री रहते लखनऊ में मीडिया से
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मायावती - फोटो : ANI
मेरा किसी से भाई, बहन या बुआ भतीजे का रिश्ता नहीं है। (अखिलेश के बुआ कहने पर)
-मायावती, 16, सितंबर 2018, नई दिल्ली में
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mayawati
सपा सरकार केवल परिवार के मनोरंजन के लिए अपने गृह जनपद में सैफई महोत्सव मनाने पर गरीब जनता का करोड़ों रुपया बहा देती है। दरअसल यही फिजूलखर्ची होती है। सपा सरकार के मुखिया अपने हर छोटे से छोटे कार्यक्रम में स्मारकों और पार्कों में हाथियों की बात करना कभी नहीं भूलते हैं। हो सकता है कि यह हाथी उन्हें सपने में भी परेशान करते हों। 
-मायावती, 6 दिसंबर, 2016, लखनऊ, आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर
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बसपा सुप्रीमो मायावती - फोटो : amar ujala
सपा सरकार के मुखिया (अखिलेश यादव) छह दिसंबर को पुण्यतिथि की छुट्टी कभी रद्द कर देते हैं, तो कभी बहाल कर देते हैं, ऐसे रवैये से यह स्पष्ट है कि सपा सरकार का मुखिया वास्तव में ही ‘बबुआ’ है।
-मायावती, 7 दिसंबर, 2016, लखनऊ में
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बसपा सुप्रीमो मायावती - फोटो : amar ujala
अखिलेश यादव जल्दबाजी में आधी-अधूरी योजनाओं का लोकार्पण करके वाहवाही बटोरना चाहते हैं। प्रदेश में हमारी पार्टी की सरकार बनी तो इन योजनाओं की जांच होगी।
-मायावती, 14 दिसंबर, 2016
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