बसपा सुप्रीमो मायावती ने चुनाव आयोग द्वारा केंद्र सरकार को यूपी सहित चुनाव वाले पांच राज्यों के लिए केंद्रीय बजट में कोई विशेष योजना व घोषणा न करने के निर्देश देने का स्वागत किया है।
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मायावती ने एक फरवरी को बजट पेश करने से रोकने से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीमकोर्ट के फैसले व चुनाव आयोग के निर्देश पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार की खास जिम्मेदारी बनती है कि वह आयोग के निर्देशों के अनुपालन में कोई चालाकी न दिखाएं और ईमानदारी से इसका अनुपालन करें। बजट के जरिए चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश न करें।
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बसपा अध्यक्ष ने कहा कि वैसे तो केंद्र की यह जिम्मेदारी बनती थी कि वह स्थापित परंपरा को ध्यान में रखकर बजट पेश करने के लिए संसद का बजट सत्र एक फरवरी से करने की जगह चुनाव तक टाल देती।
पर, इस संबंध में कोई स्पष्ट कानून न होने का लाभ लेते हुए बजट सत्र ठीक चुनाव के दौरान बुलाने और एक फरवरी को बजट पेश करने का फैसला किया गया। अब केंद्र को बजट में इसका ध्यान रखना चाहिए कि चुनावी राज्यों से संबंधित सरकारी योजनाओं की उपलब्धियों का उल्लेख न हो।