मायावती ने कहा, कि बसपा अंबेडकरवादी पार्टी है। पूर्व की कांग्रेस सरकारों की तरह भाजपा की सरकार में भी बसपा को किस्म-किस्म के हथकंडे अपनाकर कमजोर करने व खत्म करने की कोशिश की जा रही है। मायावती ने आरोप लगाया कि गुजरात में दलित समाज के जिग्नेश मेवाणी को कांग्रेस पर्दे के पीछे समर्थन कर रही है।
उन्होंने कहा कि जिग्नेश ने आजाद उम्मीदवार के रूप में जो यह चुनाव जीता, लेकिन जीत अकेले दलितों के वोटों से न होकर कांग्रेस व हार्दिक पटेल के समर्थन से हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत जिग्नेश की सीट पर अपना उम्मीदवार नहीं उतारा। अब कांग्रेस पर्दे के पीछे रहकर जिग्नेश को देश में जगह-जगह भेजकर फायदा उठाना चाहती है। उन्होंने कहा कि दलितों को इससे सावधान रहने की जरूरत है।