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माटीकला प्रदर्शनी में उमड़े खरीदार, लोगों को लुभा रहे तुलसी के बीज वाले गोबर के दीये, ये है खासियत

Fri, 13 Nov 2020 02:29 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदर्शनी में उमड़े खरीदार - फोटो : अमर उजाला
परंपरागत आकृति के साथ स्टार, हार्ट और राउंड शेप के दीपक...। पानी में तैरते...। वजन में हल्के...। जब तक चाहिए तब तक जलाइए...। जलाने के बाद घर के बगीचे में बो दे तो कुछ दिन बाद तुलसी का पौधा भी तैयार...। हम बात कर रहे हैं गोबर से बने खास दीपकों की, जो खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड परिसर में चल रहे माटीकला मेले में खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। दीपोत्सव के चलते लोग सबसे ज्यादा गोमय दीपों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। यहां एक-दो नहीं बल्कि आधा दर्जन से अधिक गोबर से बने दीपकों की वैरायटी मौजूद हैं। मेले में प्रतापगढ़ से आए कलाकारों के स्टॉल में गोबर से बनाए गए दीपावली स्पेशल दीपों का भारी क्रेज है।


 
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- फोटो : अमर उजाला
मेले में रविवार को जबरदस्त भीड़ उमड़ी, लोगों ने सबसे ज्यादा डिजाइनर दीप, मूर्तियां, बर्तन और प्रतिमाओं की खरीदारी की। अपर मुख्य सचिव महाप्रबंधक माटी कला बोर्ड डॉ. नवनीत सहगल ने बताया रविवार को 4.15 लाख की बिक्री हुई। 4 नवंबर से अब तक 8.65 लाख की बिक्री दुकानदार कर चुके हैं।

 
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- फोटो : अमर उजाला
कपड़े के गमले देख लोग चकित
स्टॉल नम्बर 5 पर रंग-बिरंगे कपड़ों से बने गमले भी आकर्षण का केंद्र है। बाबा भक्ति प्रकाश ने बताया कपड़े से बनाए गए खास गमले है। जल संरक्षण के लिए बनाए गए गमलों में पानी भी 70% से कम लगता है। लीक प्रूफ होने से इन्हें कहीं पर भी रखने पर गंदगी नहीं फैलेगी। यह साइज के अनुसार 100 से लेकर 400 रुपये की रेंज में उपलब्ध हैं।

 

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- फोटो : अमर उजाला
80 रुपये के एक दर्जन तैरने वाले दीप 
स्टॉल नंबर 4-5 पर पट्टी प्रतापगढ़ के महिला स्वावलंबन ट्रस्ट के गोबर उत्पादों को खूब पसंद किया जा रहा है। संस्था के बाबा भक्ति प्रकाश ने बताया कि उनके पास देसी गाय के गोबर से बने छोटे से बड़े आकार के दीपक, तैरने वाले दीपक, हवन उपला और धूपबत्ती को लोग पसंद कर रहे हैं। 50 से 80 रुपये तक की रेंज में 10 से 15 की संख्या में गोबर के कई वैरायटी के दीपक उपलब्ध हैं। तैरने वाले दीपक जलाने के बाद पानी में छोड़ने पर वह न भीगेंगे और न डूबेंगे। जलाने के बाद इन्हें लोगों को फेंकना भी नहीं है। अपने घर में गमले में रख दें, कुछ दिनों बाद इनमें से तुलसी की पौध निकल आएगी।



 
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- फोटो : अमर उजाला
5 से 10 रुपये में हवन सामग्री वाले कंडे
स्टॉल पर दर्जन भर से अधिक प्रकार की हवन सामग्री उपलब्ध है। कंडे छोटे और बड़े साइज में है, जिनकी कीमत 5 और 10 रुपये प्रति पीस है। इसके अलावा स्पेशल हवन सामग्री युक्त धूपबत्ती लोग खूब पसंद कर रहे हैं। इसकी कीमत एक रुपये प्रति स्टिक है। इसके अलावा चार इंच के गोबर से निर्मित लक्ष्मी-गणेश भी खास पैकिंग में उपलब्ध है। लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा में भी तुलसी के बीज रोपित हैं।
 
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