हादसा
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बच्चों को देखकर आई जान में जान
राजकुमार यादव ने बताया कि सुबह वह पूजा कर रहे थे, तभी हादसे की सूचना मिली। इस पर पत्नी सुनीता रोने लगी। किसी तरह उसे समझाकर अस्पताल पहुंचे। बच्चों को सकुशल देखकर जान में जान आई। राजकुमार ने बताया कि वह इंदिरानगर स्थित अमेरिकन सेंटर फॉर लैंग्वेजेज में काम करते हैं। अनुराग, शिवानी के अलावा उनका एक छोटा बेटा भी है।