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कारोबारी हत्याकांड: चीत्कारों के बीच हुआ मानवेंद्र का अंतिम संस्कार, भतीजे ने दी मुखाग्नि; बेटे ने ही की हत्या

Wed, 25 Feb 2026 10:17 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

राजधानी में पोस्टमार्टम के बाद कारोबारी मानवेंद्र सिंह का शव घर पहुंचा तो चीत्कार मच गई। परिजन लाश से लिपटकर बिलख उठे। बेटे द्वारा ही गोली मारकर पिता की हत्या करने से परिजन पूरी तरह टूट गए हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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रोते बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
राजधानी लखनऊ में बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद मानवेंद्र सिंह का शव घर पहुंचा तो चीख पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने किसी तरह खुद को संभालकर अंतिम संस्कार की तैयारी की। वीआईपी रोड स्थित बैकुंठ धाम में अंतिम संस्कार किया गया। मानवेंद्र के भतीजे कृत सिंह ने मुखाग्नि दी।



आशियाना के सेक्टर एल में रहने वाले शराब कारोबारी व पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की उन्हीं के बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर दोनों हाथ व पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए। सिर सहित धड़ घर के भीतर ड्रम से बरामद किया गया है। पुलिस ने बेटे के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
 
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भतीजे ने किया अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के मुताबिक, 21 फरवरी को आशियाना थाने पर मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की शिकायत मिली थी। पुलिस ने सचिवालय सुरक्षा में तैनात मानवेंद्र के भाई अरविंद कुमार से मामले की जानकारी ली। इसके बाद अक्षत से पूछताछ की तो पता चला कि मानवेंद्र बेटे पर नीट परीक्षा की तैयारी का दबाव बना रहे थे। 
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रोते बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
20 फरवरी को सुबह 4:30 बजे इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हो गया। गुस्से में आकर अक्षत ने पिता को लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी। मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के वक्त अक्षत की छोटी बहन कृति अपने कमरे में सो रही थी। 

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रोते बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची तो पिता का शव कमरे में पड़ा था। मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह सेवानिवृत्त दरोगा हैं। वह जालौन में रहते हैं। घटना की सूचना पर वह भी आशियाना पहुंचे। 
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रोते बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला

हाथ-पैर फेंके, सिर सहित धड़ घर में ड्रम में मिला

वारदात मकान के तीसरे तल पर हुई। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद वह शव को घसीटते हुए भूतल पर लाया। यहां खाली कमरे में शव रख दिया। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया।
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रोते बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला
पहले कार में लादकर गोमती नदी में फेंकने की साजिश रची, लेकिन शव का वजन ज्यादा था। इससे वह अकेले ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद आरी खरीदकर लाया और पिता के शव के टुकड़े कर दिए। धड़ ठिकाने नहीं लगा सकने पर नीला ड्रम खरीदकर लाया और उसमें डाल दिया। इससे पहले कि अक्षत धड़ को ठिकाने लगाता उसकी करतूत उजागर हो गई।
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रोते बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला

बहन को घर में रखा बंद

अक्षत ने जब पिता की हत्या की तब छोटी बहन भागकर कमरे में पहुंची थी। लेकिन अक्षत ने जान से मारने की धमकी देकर उसे चुप करा दिया। उसे चार दिन तक घर में बंद करके रखा था। कृति काफी डरी हुई है। वह अब भी कुछ नहीं बोल पा रही है। 
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