लक्ष्मण ने बताया कि बड़ी मुश्किल से कुछ पैसे जुटाए थे, जो खर्च हो गए। साथियों से रुपयों की मांग की तो किसी ने मदद नहीं किया। गर्भवती पत्नी का इलाज चल रहा है, जिसकी हालत गंभीर है। मंगलवार को लक्ष्मण और उनकी बेटी राधा को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उधर, हादसे में सुलेखा के दो बच्चों अंजलि और प्रियांशू की मौत से पिता महेश का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की खबर पाकर प्रियांशु की मौसी चमचम ट्रेन से कुरुक्षेत्र से लखनऊ पहुंचीं। उन्होंने बताया कि लखनऊ आने के बाद पैसा खत्म हो गया है। रुपयों का इंतजाम कर वह भांजे भांजी का अंतिम संस्कार करेंगी।