लखनऊ के गुडंबा निवासी ई-रिक्शा मालिक पिंटू गुप्ता ने बच्चों, पत्नी की हत्या करने के बाद खुद भी जान दे दी। शनिवार सुबह जब परिवारीजनों व आस-पास के लोगों को इसकी खबर लगी तो एकबारगी उन्हें यकीन नहीं हुआ। इस बीच चर्चा रही कि बढ़ते कर्ज और आर्थिक तंगी ने पिंटू को इतना तोड़ दिया कि उसने यह कदम उठा लिया। लोगों का कहना था कि पिंटू की कमाई कम और खर्च ज्यादा थे। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पिंटू ने उनका लखनऊ पब्लिक स्कूल जैसे अच्छे संस्थान में दाखिला कराया। उन्हें खुश देखने को दिन-रात मेहनत करता था। वह रिटायर्ड अधिकारी की गाड़ी चलाता था। जिंदगी की गाड़ी सरपट दौड़े, इसके लिए उसने एक साल पहले दो ई-रिक्शा लोन पर लिए। इसका करीब 4 लाख रुपये का कर्ज उसके सिर पर था। वह कुछ कर्ज समय से चुकाता तो भी कई बाकी रह जाते। उसके खर्चे भी पूरे नहीं हो रहे थे।