लखनऊ के मलिहाबाद में तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले पिता और पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पश्चिम यूपी से दोनों की गिरफ्तारी की गई है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। अब हत्याकांड में शामिल सिर्फ एक आरोपी गिरफ्त दूर है। मलिहाबाद के मोहम्मदनगर में जमीन विवाद में हिस्ट्रीशीटर लल्लन खान और उसके बेटे फराज खान ने अपने साथी फुरकान व ड्राइवर अशरफी के साथ मिलकर अपने रिश्तेदार फरहीन, उसके बेटे हंजला और चचेरे भाई मुनीर उर्फ ताज की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
वारदात को अंजाम देने के बाद एसयूवी और लाइसेंसी राइफल छोड़कर भाग निकले थे। शनिवार सुबह उनकी लोकेशन मुरादाबाद में मिली थी। सूत्रों के मुताबिक, मुरादाबाद के आसपास के इलाके से ही दोनों को दबोचा गया है। डीसीपी पश्चिम राहुल राज ने बताया कि आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं।
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मुख्य आरोपी और उसका बेटा
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विदेशों से करता है प्रतिबंधित नस्ल के कुत्तों का कारोबार
पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि आम के बागानों के साथ ही लल्लन का कुत्तों का फार्म हाउस भी है। जहां उम्दा प्रजाति के कुत्तों की ब्रीडिंग कराकर वह मोटी कमाई करता था। जांच में पता चला कि लल्लन विदेशों से पिटबुल समेत कई ऐसी नस्ल के कुत्तों की तस्करी कराता था जो भारत में प्रतिबंधित हैं। इन खूंखार नस्ल के कुत्तों को वो बेहद महंगे दाम में बेचता था। पोलैंड में रहने वाले लल्लन के बेटे शमाइल व इराज इस काम में उसकी मदद करते थे। दोनों का पोलैंड में बड़ा कारोबार है।
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Triple Murder
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नेपाल में है ठिकाना, फैला है काला कारोबार
पुलिस की अब तक की तफ्तीश में सामने आया कि लल्लन के दो बेटे तो पोलैंड में बस गए हैं। तीसरा बेटा और घटना में शामिल फराज गांव में ही लल्लन के साथ रहता है। इनका विदेशों से कई तरह का अवैध कारोबार है। इसके लिए आरोपियों ने नेपाल में कई ठिकाने बना रखे हैं। उसके बेटे पोलैंड से जब भी भारत आते हैं तो पहले नेपाल में ही रुकते हैं। पाकिस्तान से भी कनेक्शन सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियां पता लगा रही हैं कि लल्लन व उसके बेटों की कहीं देश विरोधी गतिविधियों में तो संलिप्तता नहीं है।
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Lucknow Triple Murder
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तैयब ने खरीदी थी जमीन, लल्लन का था कब्जा
करीब पौने तीन बीघा जमीन को लेकर तीन लोगों की हत्या कर दी गई। ये जमीन लंदन में रह रहे तैयब ने करीब दो दशक पहले लल्लन खान के परिजनों से खरीदी थी। लेकिन जमीन पर कब्जा लल्लन का ही था। इसलिए मामला प्रशासन व न्यायालय तक पहुंचा। तभी से दोनों पक्षों में रंजिश चल रही थी। चूंकि तैयब लंदन में हैं और उन्होंने जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी अपने भाई मसूद को कर रखी है, इसलिए पूरी कार्रवाई उनकी तरफ से की जा रही है। लल्लन का मानना था कि तैयब के पक्ष वालों को फरीद भड़काते हैं। इसलिए उसने उनके परिवार को निशाना बनाया।
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Lucknow Triple Murder
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सूत्रों के मुताबिक मीठेनगर की 20 बीघा जमीन में फरीद, उनके परिजन व लल्लन हिस्सेदार थे। दो दशक पहले लल्लन के परिजनों ने करीब पौने तीन बीघा जमीन तैयब को बेच दी थी। तभी से विवाद शुरू हुआ था। लल्लन जमीन पर कब्जा किए था। वह कब्जा खाली करने के बजाय जमीन पर अपना ही दावा करता था। मामला जब कोर्ट कचहरी तक पहुंचा तो इसमें फरीद को भी पार्टी बनाया गया। क्योंकि वह काश्तकार थे। जमीन की चौहद्दी भी उनकी थी। बाद में लल्लन केस हारा और तैयब के पक्ष में फैसला हुआ।
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Triple Murder
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लल्लन की तरफ से फिर अपील की गई और दावा किया गया कि उसका पक्ष सुने बगैर निर्णय लिया गया है। ये अपील भी खारिज कर दी गई। लगातार इस जमीन को लेकर विवाद होता रहा। तैयब की तरफ से उसके भाई मसूद व उनका बेटा सलमान आदि पैरवी करते रहे। जब कोई विवाद हुआ तो लल्लन उसका सूत्रधार फरीद को ही मानता था। इस बार जब मसूद की तरफ से जमीन पैमाइश संबंधी कार्रवाई की गई तो भी लल्लन का कहना था कि इसके पीछे फरीद है। फरीद मौके पर भी पहुंचे थे। इसलिए दशकों से चल रही रंजिश में इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया।
धमकी देता था... अगर नहीं माने तो अंजाम बुरा होगा
लल्लन हमेशा कहता था कि वह जमीन उसकी है। किसी की हिम्मत नहीं कि वह इस जमीन को उससे ले पाए। जानकारी के मुताबिक पहले भी इस मसले को लेकर आपस में कहासुनी और विवाद हुए। करीब एक दशक से दोनों परिवारों के बीच बातचीत तक बंद थी। कई बार आरोपियों ने धमकी दी थी कि अगर जमीन का विवाद खत्म नहीं किया तो अंजाम बुरा होगा। आखिर में उसने धमकी को सच कर डाला।