फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow: लखनऊ बस हादसे में तीन वजहों ने ले ली पांच की जान, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कैसे हुई दुर्घटना

Fri, 12 Sep 2025 09:20 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ के काकोरी के टिकैतगंज के पास बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे हुए हादसे की वजह लोगों ने बस की तेज रफ्तार, सड़क पर अंधेरा और वहां मौजूद ट्रैक्टर-टैंकर को बताया है।
विज्ञापन
1 of 5
- फोटो : amar ujala
हादसे की पहली वजह रफ्तार : प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि रोडवेज बस की रफ्तार बहुत तेज थी। इसी वजह से चालक नियंत्रण खो बैठा।
हादसे की दूसरी वजह अंधेरा : जिस जगह पर हादसा हुआ वहां हाईवे पर अंधेरा था। रोशनी होती तो शायद हादसा बच सकता था।
हादसे की तीसरी वजह रोड़ा: रास्ते पर ही ट्रैक्टर टैंकर एक किनारे खड़ा था जो दूर से नजर नहीं आया और हादसा हो गया।

लखनऊ के काकोरी के टिकैतगंज के पास बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे हुए हादसे की वजह लोगों ने बस की तेज रफ्तार, सड़क पर अंधेरा और वहां मौजूद ट्रैक्टर-टैंकर को बताया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के वक्त बस की रफ्तार 80 से 90 किमी प्रति घंटे की थी। गांव के रहने वाले बबलू रावत और नरेश रावत ने बताया कि घटनास्थल पर टैंकर सड़क किनारे लगे पौधों में पानी डाल रहा था। कुछ मजदूर काम कर रहे थे। पास में दो बाइक सवार भी खड़े थे। इस दौरान हरदोई की तरफ से कैसरबाग डिपो की बस तेज रफ्तार में आई। सबको रौंदते हुए करीब आठ बार लुढ़क कर खाई में जा गिरी। अंधेरा होने की वजह से बस चालक सड़क किनारे खड़े टैंकर को नहीं देख सका।
विज्ञापन

2 of 5
- फोटो : amar ujala
बयान में विरोधाभास... जांच से उठेगा पर्दा: बस चालक, परिचालक और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान में विरोधाभास है। ऐसे में हादसे की वजह को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने अस्पताल जाकर चालक और परिचालक का हाल लिया। बताया जा रहा है कि मामले की जांच के बाद ही हादसे की वजह पता चलेगी।
विज्ञापन

3 of 5
- फोटो : amar ujala
ऐसा लगा की कोई धमाका हो गया था: टिकैतगंज गांव निवासी राजकुमार रावत, बैजनाथ रावत, कोटेदार चंद्रप्रकाश रावत और प्रधान पति महेंद्र रावत ने बताया कि हादसे के वक्त वह लोग गांव में मौजूद थे। टक्कर होते ही तेज धमाके जैसी आवाज उन्हें सुनाई दी। बिना वक्त गंवाए वह लोग भागकर हाईवे पर पहुंचे। वहां का मंजर देख सन्न रह गए। बीच सड़क पर टैंकर पलट हुआ था। चीख-पुकार मची थी। वह लोग जब घटनास्थल के करीब पहुंचे तो खाई में रोडवेज की बस गिरी दिखी।

4 of 5
- फोटो : amar ujala
दो सावधानियां होतीं तो बच सकता था हादसा
1. रेलिंग: घटनास्थल पर रोड लाइट के साथ ही रेलिंग भी नहीं लगी थी। अगर रेलिंग लगी होती तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता। बस रेलिंग से टकराकर रुक जाती और लोगों को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती।

2. रिफ्लेक्टर: सड़क किनारे लगे पौधों में पानी डाल रहे टैंकर में रिफ्लेक्टर नहीं लगा था। अगर रिफ्लेक्टर लगा होता तो बस की लाइट उस पर पड़ते ही दूर से चमकने लगता और बस चालक को टैंकर दिख जाता।

घायलों को मुआवजा: परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हादसे में सामान्य घायलों को 10 हजार और गंभीर को 25 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
- फोटो : amar ujala
घायलों की सूची: इरशाद हुसैन (60) निवासी दुबग्गा, अनुराग (28) निवासी हुलालखेड़ा, मोहनलालगंज, अरविंद कुमार अवस्थी (56) निवासी आलमनगर, संजय (30) निवासी दुगौली काकोरी, राजेश मौर्या (35) निवासी गनेशपुर संधना, सीतापुर, बसंत देवी (40) निवासी बालाजी खेतई, हरदोई, संजीव प्रकाश श्रीवास्तव (50) निवासी न्यूहैदरगंज कैंपल रोड बालागंज, अरुण कुमार निवासी रश्मिखंड, भरत कुमार निवासी त्रिवेणीनगर, दिनेश (40) शारदानगर, आशियाना, सुहैल अहमद निवासी गढ़ी कनौरा, दुर्गेश (40) निवासी पूरे बैजू गुरबक्सगंज रायबरेली, राकेश निवासी कठबारा बीकेटी, शुभाजीत मुखर्जी निवासी रुचिखंड (40) निवासी इंदिरानगर, अविरल वर्मा (29) निवासी प्रगति नगर कोतवाली देहात हरदोई, अनूप कुमार निवासी मौलवीगंज, अनुज राज निवासी मौलवीगंज, बस चालक अनिल कुमार (45) निवासी श्रृंगारनगर परिचालक मोहम्मद रेहान।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें