राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम के सुल्तानपुर गांव में रहने वाले जूनियर इंजीनियर शैलेंद्र कुमार (42) ने अपनी पत्नी गीता (40) और बेटी प्राची (17) ने जहरीला पदार्थ खा लिया। तीनों को गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। जहां तीनों की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल शुरू किया। घर के अंदर पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें करोड़ों रुपये बाजार में लोगों द्वारा फंसाने की बात सामने आई है। चार लोगों पर मृतक जेई ने प्रताड़ना का आरोप लगाया है। नोट में लिखा कि एक ने उनसे लोन कराने के लिए मोटी रकम हड़प ली। तो एक ने जमीन का एग्रीमेंट करवाकर रुपये नहीं दिए। तो एक ने प्लाट का एग्रीमेंट कराया और शैलेंद्र से 20 प्रतिशत ब्याज हर महीने वसूलता रहा। वहीं एक धमकाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है। वहीं जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया है।
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Lucknow Suicide case
- फोटो : ट्विटर
जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि नोट शैलेंद्र ने ही लिखा है। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर चारों की तलाश में दबिश दी। देर शाम को दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। वहीं दो की तलाश में दबिश जारी है।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
खुदकुशी से पहले शैलेंद्र ने जहां अपने दोस्त व कृषि विभाग में तैनात जगन्नाथ शर्मा को कॉल किया तो वहीं पत्नी ने घर से कुछ दूर रहने वाले प्रदीप को कॉल किया। प्रदीप के मोबाइल पर जब शैलेंद्र की पत्नी ने कॉल गया तो वह नहा रहे थे।
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- फोटो : अमर उजाला
प्रदीप ने बाथरूम से निकलने के बाद कॉल किया तो दो बार रिसीव नहीं हुआ। तीसरी बार में गीता ने कॉल रिसीव किया तो सिर्फ इतना ही कहा कि भैया आप घर आ जाइए कुछ जरूरी है...। इसके बाद कॉल कट गई। प्रदीप उनके घर पहुंचे तो वहां पर पुलिस पहुंच चुकी थी।
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- फोटो : अमर उजाला
दो महीने पहले गए थे केरल घूमने
प्रदीप के मुताबिक, दो महीने पहले उनका व शैलेंद्र का परिवार केरल घूमने गया था। प्रदीप ने बताया कि शैलेंद्र अपने बेटे प्रशांत को अच्छा क्रिकेटर बनाना चाहता था। करीब 15 दिन पहले शैलेंद्र ने अपने बेटे का इंदौर की क्रिकेट अकादमी में दाखिला कराया था। प्रदीप के मुताबिक, दोनों रात में साथ थे तो इस दौरान शैलेंद्र ने बेटे प्रशांत से भी बात की थी। उससे भी सामान्य तरीके से बातचीत की।
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Lucknow Suicide case
- फोटो : अमर उजाला
भाई से बोला था कि जल्द आएगा गांव
शैलेंद्र का भाई सत्येंद्र इटौंजा के महोना रोड स्थित असनहा में रहता है। वह मंडलायुक्त कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। सत्येंद्र ने बताया कि करीब 15 दिन पहले वह जानकीपुरम आवास पर गया था जहां खेती को लेकर बातचीत हुई थी। तब शैलेंद्र ने कहा था कि जल्द ही गांव आकर खेती के संबंधित काम निपटा दिया जाएगा।
पड़ोसियों ने कहा, मददगार थे शैलेंद्र
पड़ोसियों ने बताया कि शैलेंद्र का स्वभाव अच्छा था। दोनों पति-पत्नी आसपास के लोगों से काफी घुले-मिले थे। सभी की मदद करते थे लेकिन इस तरह की कोई समस्या थी तो बातचीत करना चाहिए था। लेकिन खुदकुशी कर पूरे परिवार ने गलत किया है। ऐसा नहीं करना चाहिए था।