राजधानी लखनऊ के नवविकसित इलाकों में 11 व 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइनों के नीचे मकान बनने का सिलसिला यूं ही नहीं शुरू हुआ। जिन लोगों ने इन खतरनाक बिजली लाइनों के नीचे घर बनाकर रहना शुरू किया, उन्हें पूरी उम्मीद है कि एक न एक दिन ये लाइनें हट जाएंगी।
इसी भरोसे में कई लोगों ने न सिर्फ हाईटेंशन लाइनें, बल्कि खंभे तक घरों के अंदर खड़े कर लिए। राजधानी में ऐसे परिवारों की संख्या करीब 10 हजार है। विद्युत सुरक्षा निदेशालय भी इन पर अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर सका।
मड़ियांव के शेरवानी नगर में स्थिति बेहद भयावह है। यहां कई लोगों ने 33 केवी लाइन के खंभे और सपोर्ट पिलर तक अपने मकानों के भीतर समेट लिए हैं। एक मकान तो ऐसा भी है, जिसके मालिक ने एल आकार की लाइन के कई खंभे आंगन के अंदर तक खड़े कर लिए। हालांकि, इस मकान में परिवार नहीं रहता और घर पर ताला बंद है।